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DGP के 'आतंकी' बयान से टेंशन में अखिलेश!

Tue, 11 Feb 2014 01:39 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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यूपी के एक बड़े हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी को सूबे के मुस्लिम डीजीपी ने आतंकवादी कहकर सरकार के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है।
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दरअसल, अंबेडकरनगर के टांडा में हिंदू युवा वाहिनी के जिला संयोजक रामबाबू गुप्त और उनके भतीजे राममोहन गुप्त हत्याकांड में गिरफ्तार जिस सैफ को डीजीपी रिजवान अहमद ने आतंकी करार दिया है, एटीएस के रिकॉर्ड में उसका नाम ही नहीं है।

डीजीपी के इस दावे की तस्दीक न तो एटीएस कर रही है और न ही पुलिस महकमा।

हालांकि आला पुलिस अफसर डीजीपी के इस विवादित बयान को किसी तरह कोई आधार देने में लग गए हैं।

वहीं, एसटीएस ने सैफ के किसी वांटेड लिस्ट में होने से ही इनकार कर दिया है।

पुलिस महकमा भी सैफ को महाराष्ट्र, थाणे के भिवंडी में जुलाई 2012 को बजरंग दल नेता मनोज रायचा पर जानलेवा हमले में वांछित बता रहा है।
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आतंकी कहने के बाद खोज रहे कनेक्‍शन

आईजी कानून-व्यवस्था अमरेंद्र सेंगर ने कहा कि उनके पास इस सवाल का जवाब नहीं है कि सीधे तौर पर सैफ का संबंध किस आतंकी संगठन से है।

उसके आतंकी कनेक्शन के बारे में पता किया जा रहा है। हालांकि, अंबेडकरनगर के एसपी ने कहा कि सैफ का आपराधिक इतिहास जरूर है।

सेंगर के अनुसार भिवंडी में सैफ समेत अन्य के खिलाफ दर्ज मुकदमे में मकोका जैसी धाराएं लगाई गई हैं।

सैफ भिवंडी पुलिस की वांटेड लिस्ट में है। हालांकि उनका कहना है कि सैफ के साथ नामजद प्रतिबंधित संगठन सिमी के पूर्व पदाधिकारी साकिब नाचन का आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने का साक्ष्य महाराष्ट्र पुलिस के पास है।

पढ़िए, क्या कहा था डीजीपी साहब ने

रामबाबू व राममोहन की हत्या का खुलासा करते हुए डीजीपी रिजवान ने रविवार को टांडा में कहा था कि सैफ ने यह हत्याएं गुजरात दंगे का बदला लेने के लिए कराई।

उन्होंने कहा कि आतंकवादी सैफ ने स्वीकार किया कि गुजरात दंगों के बाद से उसके मन में कट्टरवादी हिंदुओं के प्रति घृणा भर गई थी। इसी वजह से उसने दोनों हत्याएं कराईं।

गौर‌तलब है कि सपा सरकार ने रिजवान अहमद को उस वक्त सूबे का डीजीपी बनाया, जब उनके रिटायमेंट में महज दो महीने का वक्त बचा था।

इसे यूपी में सपा के मुस्लिम कार्ड के तौर पर भी देखा जा रहा था, लेकिन रिजवान साहब के इस बयान से सपा सरकार की भी किरकिरी हुई है।

सपा विधायक को दी क्लीन चिट

रामबाबू व राममोहन की हत्या में उनके परिवारीजनों ने सपा के बाहुबली विधायक अजीमुल हक पहलवान का हाथ होने का आरोप लगाया था।

इस बारे में जब आईजी कानून-व्यवस्था से पूछा गया तो उन्होंने विधायक का हत्याओं में कोई हाथ होने से इन्कार किया।

उन्होंने कहा कि पुलिस को अपनी जांच में ऐसे कोई प्रमाण नहीं मिले हैं।
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आईजी सा‌हब भी नहीं दे सके जवाब

आईजी कानून-व्यवस्था सेंगर से जब यह सवाल किया गया कि अगर पुलिस सैफ के आतंकी कनेक्शन का पता लगा रही है तो यह जानकारी होने से पहले डीजीपी ने उसे आतंकी कैसे बता दिया? इस पर भी आईजी ने कोई जवाब नहीं दिया।

आईजी से जब यह कहा गया कि अगर वह सैफ के आतंकी होने के बारे में पता कर रहे हैं तो डीजीपी के बयान की पुष्टि कर रहे हैं क्या? इस पर भी आईजी ने चुप्पी साध ली।

अंबेडकरनगर में रामबाबू की हत्या के आरोप में गिरफ्तार सैफ को जब सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया तो उसके साथ पुलिसवाले भी मुस्कुराते नजर आए।
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