1- व्यक्तिगत सुरक्षा : 85 प्रतिशत ने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से साल भर पहले से अब स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं।
2-सार्वजनिक सुरक्षा : 81 प्रतिशत ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर साल भर पहले से अधिक सुरक्षित हैं तथा 72 प्रतिशत ने कहा कि राजमार्ग पहले से अधिक सुरक्षित हैं।
3- व्यापार सुरक्षा : 70 प्रतिशत ने माना कि साल भर से अधिक सुरक्षित हैं।
4- रात्रि समय की सुरक्षा : 68 प्रतिशत ने कहा कि रात्रि में वह पहले से अधिक सुरक्षित हैं।
5- महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं बच्चों की सुरक्षा : 87 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से पहले से अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं। 83 प्रतिशत महिलाओं ने बताया कि उनके जनपद पहले से अधिक सुरक्षित हैं, जबकि 76 प्रतिशत ने कहा कि बच्चों के प्रत्येक अपराध में विगत वर्ष से कमी आई है। 82 प्रतिशत ने माना कि वरिष्ठ नागरिकों के साथ अपराधों में कमी आई है।
सर्वे में 82 प्रतिशत लोगों ने अच्छे अफसर में ईमानदारी, 65 प्रतिशत ने विनम्रता, 56 प्रतिशत ने निष्ठा तथा 35 प्रतिशत ने सहानुभूति के साथ समस्या को सुनना बताया है।
पुलिस के लिए सुझाव
डीजीपी ने बताया कि 61 प्रतिशत व्यक्तियों ने सार्वजनिक स्थलों पर और अधिक पुलिस बल की तैनाती, 42 प्रतिशत ने परियोजनाओं की बेहतर जानकारी देना और 40 प्रतिशत ने अधिक महिला कर्मियों की व्यवस्था करने का सुझाव दिया है।
कुंभ आयोजन को बताया बेहतर
डीजीपी ने बताया कि इस वर्ष 22 करोड़ श्रद्धालुओं का कुंभ मेले में आगमन एक रिकॉर्ड है। मौनी अमावस्या के शाही स्नान के दिन कराए गए सर्वे में 95 प्रतिशत लोगों ने पुलिस को पहले से अधिक सतर्क, 92 प्रतिशत ने व्यवहार को पहले अधिक बेहतर और 85 प्रतिशत ने यातायात एवं भीड़ प्रबंधन को उनके पूर्व की कुंभ यात्राओं से बेहतर बताया है।