केशव प्रसाद ने आगे कहा कि हमारे आठ के आठ उम्मीदवार जीत जाएंगे और राज्यसभा सांसद के तौर पर निर्वाचित होंगे। साथ ही उन्होंने इस बात का दावा भी किया उनके पास बहुमत से अधिक वोट हैं। जब उनसे राज्यसभा सीट जीतने के लिए जरूरी वोट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमें केवल दो अतिरिक्त वोट चाहिए और वो हमें मिल जाएंगे। हमने पूरी रणनीति बना ली है।
राहुल-अखिलेश पर कंसा तंज
जब केशव प्रसाद से पूछा कि रितेश पांडे हाल ही में भाजपा में आए हैं और उनके पिता सपा से विधायक हैं। क्या यही भाजपा की रणनीति है? इस पर उन्होंने साफ-साफ कुछ न कहते हुए कहा कि रणनीति को उजागर नहीं किया जाता है। जब रणनीति का परिणाम आ जाएगा तब देखेंगे। फिलहाल मैं यही कहूंगा कि आठ की आठ सीट भाजपा सीट रही है। दूसरी पार्टी के नेताओं के भाजपा ज्वाइन करने पर उन्होंने कहा कि जब से राहुल गांधी की यात्रा शुरू हुई है और जब से अखिलेश की पीडीए (परिवार डेवलेपमेंट अथॉरिटी) शुरू हुई है, जब से हम अपनी अगली तैयारी में लगे हुए हैं। 2022 के चुनाव के बाद हम लोग 2024 के चुनाव की तैयारियों में लग गए थे। जो भी चुनाव हुए हैं उसमें भारतीय जनता पार्टी ने पूरे दमखम के साथ लड़ा है और यह राज्यसभा का चुनाव भी हम लोग जीत रहे हैं।
समाजवादी पार्टी को बताया परिवारवादी पार्टी
अखिलेश यादव फ्रस्टेशन में हैं, उनको लगता है कि केशव प्रसाद मौर्य के आने के बाद उनकी सत्ता से विदाई हो गई और सत्ता में आने के भी कोई चांस नहीं हैं। जिसको निशाने पर लेना चाहिए, उसको लेते रहते हैं। समाजवादी पार्टी कभी परिवार से उठककर समाज के बारे में नहीं सोच सकती, उसकी सोच का मतलब है परविरा का विकास करो, इसी का नाम समाजवादी पार्टी है। भाजपा में अन्य दलों के शामिल होने पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जब कोई आएगा तो पता चल जाएगा, जो कुछ अंदर चल रहा है, जब तक वह बाहर न आ जाए, इंतजार करना चाहिए।