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यूपी: मानी गई शिक्षकों की मांग, मृतक शिक्षक धर्मेंद्र कुमार की पत्नी को मूल वेतन के बराबर मिलेगी पेंशन

Wed, 27 Mar 2024 07:24 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Teacher Dharmendra Kumar murder case: वाराणसी के शिक्षक धर्मेंद्र कुमार की हत्या के बाद शिक्षक संगठनों ने उनकी पत्नी को मूल वेतन के बराबर पेंशन देने की बात कही थी जिसे शासन ने मान लिया है। इसके अलावा अब शिक्षकों की ड्यूटी कॉपियों को ले जाने में नहीं लगेगी। 
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मृतक शिक्षक धर्मेंद्र कुमार सिंह दाएं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी के शिक्षक धर्मेंद्र कुमार की हत्या के बाद शिक्षक संगठनों ने उनकी पत्नी को मूल वेतन के बराबर पेंशन देने की बात कही थी जिसे शासन ने मान लिया है। इसके लिए अब शिक्षकों की ड्यूटी कॉपियों को ले जाने में नहीं लगेगी। 

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 वाराणसी के शिक्षक धर्मेंद्र कुमार की मुजफ्फरनगर में हत्या के बाद शिक्षकों की मांग पर शासन ने इस मामले में असाधारण पेंशन स्वीकृत कर दी है। अब धर्मेंद्र कुमार की पत्नी को उनके मूल वेतन के बराबर पेंशन (कार्यकाल पूरा होने तक) दी जाएगी। इसके बाद उन्हें सामान्य पेंशन मिलेगी।

गौरतलब है कि शिक्षक धर्मेंद्र कुमार की हत्या के बाद माध्यमिक के शिक्षकों ने बोर्ड कॉपियों के मूल्यांकन का बहिष्कार कर दिया था। इसके बाद शासन ने त्वरित कार्यवाही करते हुए 25 लाख का मुआवजा स्वीकृत किया। इसके बाद भी शिक्षकों की नाराजगी कम नहीं हुई। 
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23 मार्च से उन्होंने दोबारा मूल्यांकन का बहिष्कार कर दिया था। वह धर्मेंद्र कुमार के परिवार को दो करोड़ का मुआवजा, शिक्षकों से गैर शैक्षणिक काम न लिए जाने व धर्मेंद्र कुमार की पत्नी को पेंशन के रूप में पूरा वेतन दिए जाने की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में माध्यमिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव आलोक कुमार ने असाधारण पेंशन स्वीकृत किए जाने की स्वीकृति दी।

कॉपियां ले जाने में नहीं लगेगी शिक्षकों की ड्यूटी
अब बोर्ड की कॉपियों के बंडल को क्षेत्रीय कार्यालयों को भेजने में शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इसका निर्देश जारी कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ला ने सभी डीआईओएस को पत्र भेजकर कहा है कि मूल्यांकन केंद्र से मूल्यांकन के बाद कॉपियों के बंडल को क्षेत्रीय कार्यालयों में भेजने के लिए शिक्षकों की ड्यूटी न लगाई जाए। इसके लिए सिर्फ शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की ही ड्यूटी लगाई जाए। शिक्षकों की दो प्रमुख मांगें पूरी होने के बाद अब माना जा रहा है कि शिक्षकों का मूल्यांकन बहिष्कार बुधवार को समाप्त हो जाएगा। 

राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर पांडेय ने कहा कि इस बारे में निर्णय बुधवार को सभी शिक्षक संघ प्रतिनिधियों की बैठक में लिया जाएगा। वहीं, शिक्षक संघों के मूल्यांकन बहिष्कार जारी रखने के निर्णय के बीच माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने शिक्षकों से मूल्यांकन में सहयोग की अपील जारी की है। उन्होंने कहा है कि शिक्षकों के मूल्यांकन बहिष्कार के कारण परिणाम प्रभावित होगा। इससे लाखों छात्रों का हित प्रभावित होगा।
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