मनरेगा के संविदा कर्मियों की भविष्य निधि की राशि अब हर महीने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) खाते में जमा की जाएगी। ग्राम्य विकास विभाग ने सभी डीएम को 30 नवंबर तक संविदा कर्मियों के मानदेय से काटी गई ईपीएफ की राशि को खाते में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। इससे 40 हजार से अधिक मनरेगा संविदा कर्मियों को फायदा मिलेगा।
अमर उजाला ने 25 अक्तूबर के अंक में ‘मनरेगा के संविदा कर्मियों का 66 जिलों में जमा नहीं हो रहा ईपीएफ’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। खबर प्रकाशित होने के बाद ग्राम्य विकास विभाग हरकत में आया और अपर आयुक्त मनरेगा योगेश कुमार ने जिलाधिकारियों को सभी ब्लॉकों को लॉगिन पासवर्ड और इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराते हुए ईपीएफ की राशि ब्लॉक स्तर से ही पीएफ खाते में जमा क राने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उपायुक्त श्रम रोजगार को हर महीने इसकी समीक्षा के भी निर्देश दिए हैं। उधर, ग्राम रोजगार सेवक संघ के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश सिंह ने बताया कि सरकार के इस निर्णय से 40 हजार से अधिक संविदा कर्मियों को लाभ होगा।
ये था मामला
मनरेगा के संविदा कर्मियों के मानदेय से 12 प्रतिशत ईपीएफ की कटौती की जाती है और 13 प्रतिशत राशि राज्य सरकार की ओर से ईपीएफ में जमा की जाती है। नियमानुसार कर्मियों के मानदेय से कटी गई ईपीएफ की राशि को उसी महीने कर्मी के पीएफ खाते में जमा कराना होता है। लेकिन झांसी, श्रावस्ती, बांदा, महराजगंज, बहराइच, सुल्तानपुर, वाराणसी, सिद्धार्थनगर और देवरिया को छोड़कर शेष 66 जिलों में मानदेय से कटौती के बाद भी पीएफ की राशि खाते में जमा नहीं की जा रही थी।