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यूपी : सहकारी ग्राम विकास बैंक एमडी पर धन वसूली का आरोप, सभापति ने सीएम को लिखा पत्र, तबादला करने की मांग

Thu, 04 Nov 2021 07:36 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि प्रबंध निदेशक अरविंद कुमार सिंह के कार्यकलापों से संस्था में विवाद और वित्तीय प्रशासनिक अराजकता की स्थिति पैदा हो गई है। रोक के बावजूद प्रबंध निदेशक ने बिना सक्षम अनुमोदन व स्वीकृति के हजारों तबादले कर दिए।
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यूपी सहकारी ग्राम्य विकास बैंक
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विस्तार
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उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक के सभापति संतराज यादव ने प्रबंध निदेशक अरविंद कुमार सिंह पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर प्रबंध निदेशक के कारण संस्था और सरकार की छवि खराब होने की शिकायत की है। उनको पद से हटाने व तबादला कहीं और करने की मांग भी की है।

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मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि प्रबंध निदेशक अरविंद कुमार सिंह के कार्यकलापों से संस्था में विवाद और वित्तीय प्रशासनिक अराजकता की स्थिति पैदा हो गई है। शासन की रोक के बावजूद प्रबंध निदेशक ने बिना सक्षम अनुमोदन व स्वीकृति के हजारों तबादले कर दिए। संस्था में बिना ग्रेडेशन व बिना पद के बिना डीपीसी के पदोन्नति की गई। यही नहीं, पदोन्नति व स्थानांतरण के नाम पर कर्मचारियों का दोहन भी किया गया। संस्था में स्थानांतरण के नाम पर धन वसूली का उद्योग चल रहा है। यादव ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर संस्था में गड़बड़ियों की जानकारी दी थी। इस मामले में जांच चल रही है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार सहकारी ग्राम विकास बैंक में नियुक्ति, तबादलों और अनुशासनात्मक कार्रवाई का अधिकार प्रबंध समिति का होता है। बिना प्रबंध समिति के अनुमोदन के तबादले, प्रोन्नति, अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं हो सकती। भाजपा सरकार आने के बाद उप्र कोऑपरेटिव एक्ट की धारा 31 के संशोधन के बाद प्रबंध समिति के नियुक्ति, तबादलों और अनुशासनात्मक कार्रवाई के अधिकार को प्रबंध निदेशक के कार्यों में समाहित करा लिए गए थे।
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बताया जा रहा है भाजपा सरकार में एक ताकतवर प्रबंध निदेशक ने भी तबादले किए थे। उस समय बैंक के तत्कालीन सभापति शिवपाल यादव ने भी इसका विरोध किया था। उस समय शिवपाल यादव ने तबादला सत्र जीरो कर दिया था। लेकिन भाजपा सरकार में अच्छी पैठ रखने वाले तत्कालीन प्रबंध निदेशक ने एक्ट में संशोधन करा लिया और सारे अधिकार स्वयं ले लिए। इसका फायदा वर्तमान प्रबंध निदेशक अरविंद कुमार सिंह उठा रहे हैं।

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