अग्निकांड के बाद मंगलवार को दिनभर शक्तिभवन में बैठकों का दौर चलता रहा। अग्निकांड की स्थिति में ऊर्जा निगमों और सुरक्षा निगमों की जिम्मेदारी से जुड़ी पत्रावलियां तलाशी गई। अब नए सिरे से बचाव की रणनीति तैयार की जाएगी।
अलीगंज अग्निकांड की घटना के बाद पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष डा. आशीष कुमार गोयल ने मध्यांचल व अन्य अधिकारियों से घटना के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। निगम से जुड़े अभियंताओँ से किस स्तर पर चूक हुई है, इसके बारे में भी लिखित रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने सुरक्षा निदेशालय के अधिकारियों के साथ भी बैठक की। उनका पक्ष जाना।
उपभोक्ता का लोड बढ़ाने की स्थिति में सुरक्षा निदेशालय को सूचना देने की व्यवस्था की भी जानकारी ली। सुरक्षा निदेशालय के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरे प्रदेश में सर्वे के लिए नए सिरे से व्यवस्था बनाई जाए। निदेशालय में कर्मचारियों की कमी के संबंध में भी शासन को पत्र लिखने का निर्देश दिया है। निदेशालय ने तय किया है कि विद्युत सुरक्षा से जुड़े प्रकरण को लेकर नए सिरे से जांच ही नहीं बल्कि मानकों को पूरा करने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
अलीगंज अग्निकांड के बाद उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी भी नींद से जागे हैं। विभाग ने मंगलवार को चार सदस्यों वाली चार जांच कमेटियां गठित की हैं। ये टीमें बुधवार से जांच शुरू कर देंगी। इस दौरान जिस कोचिंग के मानक पूरे नहीं मिलेंगे उनका पंजीकरण निरस्त किया जाएगा। इस बारे में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहीं प्रो. सुमन ने बताया कि कमेटियों को एक सप्ताह में जांच पूरी करने के लिए कहा गया है। इनमें विभिन्न महाविद्यालयों के प्रोफेसरों को शामिल किया गया है। ये टीमें उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 व केंद्र सरकार की ओर से जारी कोचिंग सेंटर गाइडलाइंस 2024 के मानकों को परखेंगी
अलीगंज सेक्टर-डी स्थित बिल्डिंग में सोमवार को हुए अग्निकांड मामले में मंगलवार की सुबह एसआईटी के पहुंचने से पहले फाॅरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। फॉरेंसिक टीम आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। छानबीन में प्रथमदृष्टया शॉर्ट सर्किट से आग लगने के संकेत मिले हैं।
अग्निकांड मामले की विवेचना अलीगंज थाने के अतिरिक्त निरीक्षक को सौंपी गई है। पुलिस ने सोमवार को ही चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था बबलू कुमार ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य संकलित किए गए हैं। छह नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इनमें भवन स्वामी वीरेंद्र शुक्ला, एनिमेशन सेंटर के संचालक तुषांक कृष्ण जायसवाल, पेटशॉप के मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, नेटवर्किंग का काम करने वाले सुरेश कुमार, धीरेंद्र शुक्ला, सुरेंद्र शुक्ला व अन्य शामिल हैं। इनमें चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। इसके बाद मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया। वीरेंद्र के परिवार के धीरेंद्र और सुरेंद्र की तलाश में दो टीमें गठित की गई हैं। दोनों को गिरफ्तार करने के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
इन बिंदुओं पर चल रही है जांच
पुलिस भवन संचालन, अग्नि सुरक्षा उपायों, फायर एनओसी, बिजली कनेक्शन व अन्य अनुमतियों के बारे में जांच कर रही है। इसके लिए एलडीए, फायर ब्रिगेड, बिजली विभाग, शिक्षा विभाग, विद्युत निदेशालय समेत अन्य विभागों से तकनीकी एवं अभिलेखीय रिपोर्ट मांगी गई है। सभी आरोपियों पर उनका उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा। जेसीपी का कहना है कि इस मामले में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।