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'यूपी के विकास को लेकर एक विजन दे गए कलाम'

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विधानमंडल के दोनों सदनों में शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। डॉ. कलाम के निधन पर शोक व्यक्त करने के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही 17 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
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विधानसभा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, डॉ. कलाम यूपी के विकास का रास्ता दिखा गए। डॉ. कलाम का मानना था कि देश का विकास तभी हो सकता है जब यूपी का विकास होगा।

यूपी के विकास के लिए उन्होंने नौ बिंदुओं पर अपना प्रस्तुतीकरण भी दिया था। डॉ. कलाम की इच्छानुसार सरकार ने कन्नौज के  दो पिछड़े गांवों में सोलर पैनल के जरिये 24 घंटे बिजली की व्यवस्था की जिसका उद्घाटन उनके हाथों से कुछ समय पहले ही कराया गया था।
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मुख्यमंत्री ने डॉ. कलाम को देश का सबसे लोकप्रिय राष्ट्रपति बताते हुए कहा कि उन्होंने नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के साथ काफी दिन तक काम किया और नेताजी ने ही राष्ट्रपति पद के लिए उनके नाम का प्रस्ताव किया था।

तमिलनाडु के छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने मिसाइल मैन के रूप में पूरी दुनिया में पहचान बनाई। राष्ट्रपति बने। कुछ दिन पहले ही उनका पत्र आया था और उन्होंने यूपी आकर विकास पर प्रेजेंटेशन करने की इच्छा जाहिर की थी। वह आए और नौ बिंदुओं पर प्रस्तुतीकरण दिए और प्रदेश के विकास का रास्ता दिखा गए।

सोलर एनर्जी पर उनका खास जोर था

अखिलेश बोले, इसमें सभी को शुद्ध पेजयल आपूर्ति के लिए ड्रिंकिंग वॉटर मिशन बनाने, ग्रामीण नेताओं की लीडरशिप डवलप करने तथा यूपी एनर्जी मिशन बनाने की बात प्रमुख थी।

सोलर एनर्जी पर उनका खास जोर था और वह चाहते थे कि गांव-गांव सोलर पैनल लगे ताकि लोगों को बिजली मिल सके। गरीब, गांव और बच्चों से उनका खास लगाव था।

नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि डॉ. कलाम ने एक कर्मयोगी की तरह अंतिम सांस तक राष्ट्र की सेवा की।  कुछ लोगों की पहचान कुर्सी से होती है लेकिन उन्होंने कुर्सी को पहचान दी। भाजपा के सुरेश खन्ना ने किसी नए प्रतिष्ठान या शिक्षण संस्था का नाम डॉ. कलाम के नाम पर रखने की मांग की ताकि उनके  जन्मदिन व पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया जा सके।

कांग्रेस के प्रदीप माथुर ने कहा कि डॉ. कलाम पूरी दुनिया में लोकप्रिय थे। उनके निधन से बच्चों को काफी पीड़ा हुई। रालोद के दलवीर सिंह ने कहा कि डॉ. कलाम का पूरा देश ऋणी रहेगा।

विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने डॉ. कलाम के निधन पर सदन में शोक प्रस्ताव रखा। इसके बाद पूरे सदन ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

संस्कृत से लेकर कुरान पर समान रूप से था अधिकार

विधान परिषद में भी डॉ. कलाम को श्रद्धांजलि दी गई। शोक प्रस्ताव पारित कर उन्हें अविस्मरणीय व्यक्तित्व करार दिया गया। सभापति गणेश शंकर पांडेय ने उन्हें भारतीयता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, उनका संस्कृत से लेकर कुरान की आयतों तक पर समान रूप से अधिकार था।

सम्मान और पुरस्कार उन्हें बहुत मिले, लेकिन यह कहना उचित होगा कि उन्हें पाकर सम्मान और पुरस्कार भी सम्मानित और पुरस्कृत हो गए। नेता सदन अहमद हसन ने उनके उत्तर प्रदेश से लगाव का जिक्र कि या और बताया कि डॉ. कलाम का सपा के मुखिया मुलायम सिंह यादव से नजदीकी रिश्ता था।

नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि डॉ. कलाम ने लखनऊ में ही एक कार्यक्रम में कहा था कि यूपी को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाए बगैर देश समृद्ध नहीं बन सकेगा। भाजपा के नेता हृदयनारायण दीक्षित ने कहा कि राष्ट्र को वह मां मानते थे। इसलिए उनकी मौत पर पूरा राष्ट्र रोया।
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रक्षा व सुरक्षा के नए शिखर पर पहुंचा देश

कांग्रेस के नेता नसीब पठान ने कहा कि उन्होंने देश को न सिर्फ बौद्धिक ज्ञान में ऊंचाई पर पहुंचाया बल्कि रक्षा व सुरक्षा के मामले में भी नए शिखर पर पहुंचा दिया। निर्दल समूह के नेता राजबहादुर चंदेल ने कहा कि उनकी आस्था सर्वधर्म समभाव वाली थी। समाजवादी पार्टी के डॉ. अशोक वाजपेयी ने कहा कि कलाम की मौत पर पूरी भारतीयता रोई है। सपा के यशवंत सिंह ने भी श्रद्धांजलि दी।

कैबिनेट मंत्री अंबिका चौधरी ने कहा कि कलाम ने छोटे बच्चों से जितना प्यार किया वो अतुलनीय है और उन्होंने यह कहकर अपने व्यक्तित्व को और बड़ा कर दिया कि वो चाहते हैं कि एक अध्यापक के ही रूप में जाने जाएं।

मुख्यमंत्री को अर्जी थमाने की लगी रही होड़
विधानमंडल सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से करीब सात मिनट पहले पूर्वाह्न 10.53 बजे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव विधानसभा में पहुंचे तो विधायकों में उन्हें अर्जी थमाने की होड़ लगी रही।

सत्ता पक्ष और विपक्ष के तमाम विधायकों के साथ-साथ कुछ मंत्री भी मुख्यमंत्री की सीट के पास डटे रहे। 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद ही सदन व्यवस्थित हुआ। सदन में पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों के नेताओं की सीटों के पास जाकर सबसे मुलाकात की।
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