कोविड संक्रमण से बीमार हुए दोस्त की जान बचाने के लिए युवक जालसाजों के जाल में फंस गया। जालसाजों ने एमफोटेरिसिन इंजेक्शन की 75 शीशी देने के लिए गोमतीनगर के रत्नाकर शुक्ला से 10 लाख रुपये ठग लिये। पीड़ित ने दवा उपलब्ध कराने के लिए जालसाजों से गुहार लगाई लेकिन नहीं मिली। जिसकी वजह से उसके दोस्त की मौत हो गई। जबकि दो दिन के अंदर डिलीवरी देने का वादा किया गया था। रकम भी पीड़ित ने तत्काल नकदी व खाते में जमा कराए। दोस्त की मौत के बाद रकम वापस मांगे तो जालसाजों ने चेक दिया जो बाउंस कर गया। पीड़ित ने एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव से मिलकर शिकायत की। जिस पर दो जालसाजों के खिलाफ गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
प्रभारी निरीक्षक गोमतीनगर केशव कुमार तिवारी के मुताबिक विश्वासखंड-2 में रत्नाकर शुक्ला परिवार सहित रहते हैं। रत्नाकर के मुताबिक विवेकखंड-2 में उनका मित्र राजेश बंसल रहता था। कोविड महामारी के दौरान वह कोविड और ब्लैक फंगस का शिकार हो गया। स्थिति ज्यादा बिगड़ी तो उसे दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने एमफोटेरिसिन बी-50 एमजी इंजेक्शन की 75 शीशी उपलब्ध कराने की सलाह दी। इस मांग को पूरा करने के लिए परिजन व दोस्त दवा बाजार में इंजेक्शन की तलाश में जुट गये। लेकिन स्टॉक न होने के कारण इंतजाम नहीं हो सका। इसी बीच दो युवकों से सोशल मीडिया के जरिए बातचीत हुई। दोनों में एक हरदोई के बिलग्राम मल्लावां का अवनीश कुमार और दूसरा रायबरेली महाराजगंज के तमनपुर का आशीष कुमार था। सोशल मीडिया पर चैटिंग के दौरान 7 जून को दोनों से रत्नाकर की बातचीत हुई। इसके लिए घर बुलाया गया। बातचीत के दौरान दो दिन के अंदर इंजेक्शन उपलब्ध कराने की बात कही।
15 हजार प्रति इंजेक्शन दाम तय किया
आरोप है कि दोनों जालसाजों ने इंजेक्शन की कीमत प्रति शीशी 15 हजार रुपये तय किये। 75 डोज के लिए 11.25 लाख रुपये की मांग की। पीड़ित ने कुछ कम करने की बात कही। बातचीत में आरोपियों ने 10 लाख रुपये की मांग की। रत्नाकर ने महंगे दाम पर इंजेक्शन लेने के लिए हामी भर दी। रत्नाकर ने तत्काल 483250 रुपये नकदी दिये। आरोपियों ने कहा कि जब तक बाकी बची हुई रकम नहीं मिलेगी तो इंजेक्शन नहीं मिलेगा। इस पर रत्नाकर ने बैंक ऑफ बड़ौदा के राजाजीपुरम शाखा से जालसाजों के खाते में 516250 रुपये जमा कराये। रकम मिलने के बाद आरोपियों ने दो दिन के अंदर इंजेक्शन देने की बात कही। कहा कि कुरियर से डिस्पैच हो गया है पहुंच जाएगा। एक दिन बाद आरोपियों ने कुरियर कंपनी के डिस्पैच की ट्रैक रिपोर्ट भी भेज दी। दो दिन बाद कुरियर नहीं मिला तो ट्रैक रिपोर्ट खंगाली तो फर्जी निकला। 8 जून से 27 जून तक पीड़ित लगातार आरोपितों से इंजेक्शन की डोज के लिए संपर्क करता रहा लेकिन टालमटोल करते रहे। डोज न मिलने के चलते 28 जून को राजेश बंसल की लखनऊ के एक अस्पताल में ब्लैक फंगस से मौत हो गयी।
रकम वापस मांगी तो दिया चेक, बाउंस हो गया
पीड़ित ने जालसाजों से 10 लाख रुपये वापस मांगे तो आरोपित टालमटोल करने लगे। दबाव बनाने पर आरोपितों ने 10 लाख के कई चेक दिये जो बाउंस हो गये। तीन दिन पहले पीड़ित रत्नाकर शुक्ला ने एसीपी गोमतीनगर से मुलाकात की। आरोप लगाया कि कालाबाजारी व 10 लाख की ठगी के चलते दोस्त की मौत हुई। पीड़ित ने सारे पेपर व बाउंस चेक की कॉपी भी दिखायी। एसीपी के निर्देश पर गोमतीनगर पुलिस ने अवनीश कुमार व आशीष कुमार के खिलाफ बुधवार को धोखाधड़ी व अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज किया गया है।