निषादराज नाव सब्सिडी योजना के तहत नाव खरीदने पर मछुआरा समुदाय के लोगों को 40 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी। इसके लिए बुधवार को कैबिनेट के समक्ष प्रस्ताव रखा जा रहा है। विभिन्न कारण से यह प्रस्ताव कई बार अटका है। माना जा रहा है कि इस बार इसे हरी झंडी मिल जाएगी।
बजट 2022-23 में भी इस योजना के लिए 2 करोड़ रुपये के प्रावधान को मंजूरी दी गई थी पर यह योजना आगे नहीं बढ़ पाई। अब इस साल इस पर तेजी से काम करने की तैयारी है। मुख्य रूप से मछुआ समुदाय की 17 उपजातियों के लिए यह योजना हैं। इनमें केवट, मल्लाह, निषाद, बिंद, धीमर, कश्यप, रायकवार, तुराहा, मांझी, गोंड, कहार, बाथम और गोदिया हैं। वाराणसी, कानपुर, प्रयागराज, चित्रकूट आदि जिलों में बड़ी संख्या में मछुआरे हैं जो नदी पर निर्भर हैं। इन सभी की आजीविका को लेकर यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। सरकार का इरादा है कि मछली पालन को बढ़ावा मिले। सरकार इस साल 3000 बोट पर सब्सिडी की तैयारी कर रही है। मत्स्य मंत्री डा संजय निषाद के मुताबिक यह मछुआरा समुदाय के लिए बेहद महत्वाकांक्षी योजना है।
कोषागारों में संचालन प्रक्रिया होगी आसान
प्रदेश में कोषागारों की संचालन प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए संचालन संबंधी कुछ नियमों में संशोधन के प्रस्ताव कैबिनट में लाए जा सकते हैं। इससे कोषागारों से दूसरे विभागों को भुगतान में आसानी होगी। इसके अलावा शाहबाद-रामपुर-बाजपुर रोड, गाजीपुर-आजमगढ़ और शाहजहांपुर में लिपुलेख-भिंड मार्ग के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण के प्रस्ताव भी कैबिनेट में आ सकते हैं।
चीनी मिल की होगी क्षमतावृद्धि एवं आसवानी का प्रस्ताव
मेरठ की मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल में शीरे की आसवानी की स्थापना होगी। इसके अलावा अमरोहा की गजरौला चीनी मिल की क्षमता का विस्तार होगा। इसके लिए बुधवार को कैबिनेट में प्रस्ताव रखा जा रहा है। इसके अलावा गन्ना विकास योजना के पेड़ी प्रबंधन को विस्तृत रूप दिए जाने का प्रस्ताव भी इस बैठक में रखा जा रहा है। प्रदेश सरकार सहकारी चीनी मिलों की क्षमता वृद्धि के लिए गंभीर है। मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल की क्षमता वृद्धि पहले की जा चुकी है। अब यहां डिस्टलरी लगाने पर तेजी से काम करने की तैयारी है।
पशुपालकों को आज बड़ी राहत, पशु गर्भाधान शुल्क में 200 रुपये कमी की तैयारी
प्रदेश की योगी सरकार बुंदेलखंड की तरह प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के पशुपालकों को भी बड़ी राहत देने जा रही है। सैक्स सार्टेड सीमन के जरिए पशु गर्भाधान कराने के लिए पशुपालक को अब बुंदेलखंड की तरह सिर्फ सौ रुपये ही अदा करने होंगे। वर्तमान में इसके लिए 300 रुपये अदा करने पड़ते हैं। शुल्क में 200 रुपये कमी संबंधी प्रस्ताव को बुधवार को कैबिनेट मंजूरी दे सकती है।
वर्ष 2019 से पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान की योजना चल रही है। इसमें गाय और भैंस दोनों को शामिल किया गया है। खास तौर से बुंदेलखंड में छुट्टा पशु प्रथा को रोकने के लिए सार्टेड सीमन में पशुपालकों को विशेष छूट दी गई है। बुंदेलखंड में गाय और भैंस को लगने वाले सीमन इंजेक्शन का शुल्क सिर्फ 100 रुपये है। दूसरी ओर, प्रदेश के अन्य जिलों में इसके लिए पशुपालक को 300 रुपये अदा करने पड़ते हैं। अब पूरे प्रदेश में यह शुल्क 100 रुपये ही करने की तैयारी है। दरअसल इस सीमन से बछिया या पड़िया पैदा होने की संभावना 90 फीसदी हो जाती है। पशुपालक इस सुविधा का लाभ जिला व ब्लॉक स्तर पर सशुल्क ले रहे हैं।
नेडा बनाएगा हरित ऊर्जा कारीडोर, 27 सब स्टेशन को जोड़ने की तैयारी
प्रदेश में हरित ऊर्जा को व्यवस्थित तरीके से वितरित करने के लिए हरित ऊर्जा कॉरीडोर बनाया जा रहा है। इसके लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क बनाया जाएगा। बुधवार को कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी देने की तैयारी है।
प्रदेश में हरित ऊर्जा कॉरीडोर 2 के तहत केंद्र सरकार ने वित्तीय सहायता दी है, जबकि राज्य सरकार ने बजट में इसके लिए 1554 करोड़ रुपये का इंतजाम किया है। इसके तहत अल्ट्रा मेगा सौर पार्कों से सौर ऊर्जा को निकालने के लिए करीब 2600 किलोमीटर ट्रांसमिशन नेटवर्क बनाया जाएगा। इसके लिए 27 सब स्टेशन बनेंगे। यह कार्य 2024-25 तक पूरा होगा। यह सीधे ग्रिड से जुड़ेगा। दूसरे चरण में राष्ट्रीय कारीडोर के साथ राष्ट्रीय ग्रिड को 20 गीगावाट अक्षय ऊर्जा की आपूर्ति की जाएगी।
मुख्यालय से होगी उपकेंद्रों की निगरानी
प्रदेश के 132 केवी के उपकेंद्रों में बिजली आपूर्ति की पूरी व्यवस्था की निगरानी मुख्यालयों से की जा सकेगी। इसके लिए उपकेंद्रों में रिलायबल कम्युनिकेशन एंड डाटा एक्जीवेशन सिस्टम लगाया जाएगा। इससे मुख्यालयों को यह पता चलता रहेगा कि किस उपकेंद्र में आपूर्ति कम हो रही है और कहां ज्यादा बिजली खर्च हो रही है। इस सिस्टम के लगने के बाद निगरानी व्यवस्था दुरुस्त होगी। इस प्रस्ताव पर भी बुधवार को फैसला हो सकता है।
खिलाड़ियों को मिलेगा आयुष्मान का लाभ
प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों, आवासीय छात्र योजना व स्पोर्ट्स कॉलेजों के अंतर्गत पंजीकृत खिलाड़ियों को आयुष्मान योजना का लाभ मिल सकेगा। वे पांच लाख रुपये तक का इलाज निशुल्क करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल किया जाएगा। फिलहाल लगभग 11000 खिलाड़ी इस योजना के दायरे में आ रहे हैं। इस प्रस्ताव को भी बुधवार को कैबिनेट में मंजूरी दी जा सकती है। अभी प्रदेश में मुख्यमंत्री जन आरोग्य के तहत 56.43 लाख परिवार जुड़े हुए हैं। प्रदेश में कुल करीब आठ करोड़ आयुष्मान कार्ड धारक हैं। इसमें करीब 2.56 करोड़ लोगों का आयुष्मान कार्ड बन चुका है। योजना में 1450 बीमारियों का निशुल्क इलाज होता है। प्रदेश के 3400 सरकारी एवं निजी अस्पताल संबद्ध है।