भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा है कि प्रदेश भाजपा की नई टीम में हर समाज को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया गया है। इसके बाद भी कुछ समाज यदि रह गए हैं, तो उन्हें अग्रिम मोर्चों, विभाग और प्रकोष्ठों में अवसर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यूपी में भाजपा ने लगातार अच्छा काम किया है। आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ जीतकर नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाएगी। चौधरी ने कहा कि सपा के गठबंधन इस बार फिर फेल होंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी सोमवार को अपने आवास पर अमर उजाला से मुखातिब थे। चौधरी से बातचीत के प्रमुख अंश--
नई टीम से आपकी क्या उम्मीदें हैं?
संगठन का गठन तीन वर्ष के लिए होता है। राष्ट्रीय कार्यसमिति ने विशेष परिस्थिति में कार्यकाल को जून 2024 तक बढ़ाया है। प्रदेश टीम से कुछ लोग सरकार में गए थे और कुछ लोग अन्य कारणों से बाहर हुए हैं, उनके स्थान को भरा गया है। पहले जो लोग काम कर रहे थे, उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है। नई टीम भी राष्ट्रीय नेतृत्व की अपेक्षा के अनुरूप काम करेगी।
वैश्य व राजभर समाज की प्रदेश की सियासत में महत्वपूर्ण भूमिका है। दो राजनीतिक दल इन्हीं समाज के बूते चल रहे हैं। लेकिन, आपकी टीम में इन दोनों समाजों से एक भी प्रतिनिधि नहीं हैं?
हमने यह कोशिश की है कि प्रदेश टीम में अगड़े, पिछड़े, दलित, महिलाओं का समायोजन किया जाए। महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया है। भाजपा बड़ा संगठन है। अभी अग्रिम मोर्चों, प्रकोष्ठों, विभागों में सभी जातियों, समुदायों को प्रतिनिधित्व मिलेगा। भाजपा सभी समाजों को साथ लेकर चलेगी।
पश्चिम में ठाकुर और गोरखपुर में भूमिहार क्षेत्रीय अध्यक्ष का समीकरण कितना फायदेमंद रहेगा?
भाजपा ने सभी समाजों को प्रतिनिधित्व दिया है। 2014 से 2022 तक भाजपा को लगातार मिल रही प्रचंड जीत बताती है कि सभी समाज भाजपा के साथ हैं।
निकाय चुनाव और लोकसभा चुनाव की क्या तैयारी है?
पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ, पार्टी के पदाधिकारी लगातार जनता के बीच जा रहे हैं। निकाय चुनाव व लोकसभा चुनाव में सरकार की योजना, विचारधारा से जुड़े विषयों और पीएम नरेंद्र मोदी के संकल्पों को लेकर जनता के बीच जाएंगे। सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता ने स्वीकार किया है। पीएम के प्रति जनता का विश्वास है। बताएंगे कि भाजपा ने जो कहा है, वह किया है। दोनों ही चुनावों में भाजपा को भारी जीत मिलेगी। लोकसभा चुनाव में सभी 80 सीटें जीतकर आएंगे।
सपा मुखिया छोटे दलों को जोड़कर बड़ी जीत हासिल करने की बात कर रहे हैं।
समाजवादी पार्टी ने 2017, 2019 और 2022 चुनाव में गठबंधन किया। पहले दो युवाओं की जोड़ी बनाई। फिर 2019 दो बड़े दलों का गठबंधन किया। 2022 में भी कई दलों का गठबंधन किया। लेकिन चुनाव बाद गठबंधन का क्या हश्र हुआ, यह किसी से छिपा नहीं है। अब मायावती, ओमप्रकाश राजभर और कांग्रेस उनके बारे में क्या कह रहे हैं। देश और प्रदेश की जनता का गठबंधन पीएम मोदी और सीएम योगी से है। सपा का गठबंधन तात्कालिक है। निजी एजेंडे पर है। इस बार फिर उनका गठबंधन फेल होगा।
मैनपुरी और खतौली उप चुनाव भाजपा हार गई?
हमारे लिए खतौली और मैनपुरी की हार पीड़ा देने वाली है। लेकिन, मैनपुरी सीट मुलायम सिंह यादव जी के निधन के बाद सपा ने सहानुभूति पर जीती है। खतौली में भाजपा ने हार के सभी कारणों का पता लगाया है। रामपुर पहली बार भाजपा जीती है। हमने हार और जीत को दोनों को स्वीकारा है।
आपकी नियुक्ति को करीब सात महीने पूरे हो गए हैं, आपने जो लक्ष्य तय किए थे उनमें कितनी सफलता मिली?
भाजपा के संगठनात्मक कार्यक्रम और अभियान को लेकर जनता के बीच में गए हैं। मुझे इस बार की खुशी है कि यूपी ने संगठनात्मक अभियानों और कार्यक्रमों पर बेहतर प्रदर्शन किया है।
क्या ओमप्रकार राजभर से भाजपा फिर गठबंधन करेगी?
जो हमारे नेता के नेतृत्व और पार्टी के विचार से सहमत है, उसके लिए हमारे दरवाजे हमेशा खुले हैं। लेकिन गठबंधन का निर्णय केंद्रीय नेतृत्व के स्तर से होगा। हमारे लिए कोई भी अछूत नहीं है।
लोकसभा चुनाव में टिकट वितरण का आधार क्या होगा?
यह निर्णय केंद्रीय नेतृत्व को करना है। भाजपा के सभी सांसद अच्छा काम कर रहे हैं।
निगम, आयोग और बोर्ड में बड़ी संख्या में पद खाली हैं?
नियुक्ति को प्रक्रिया शुरू हो गई है। सभी स्तर पर इसको लेकर विचार विमर्श हो रहा है। जल्द इसमें सरकार के स्तर से निर्णय होना है।
सरकार और संगठन के बीच समन्वय कैसा है?
सरकार और संगठन में बहुत अच्छा समन्वय है। भाजपा का कार्यकर्ता विचारधारा के आधार पर राजनीतिक क्षेत्र में काम करते हैं। त्याग और समर्पण के आधार पर विचार के लिए काम करते हैं। हमारे लिए गर्व की बात है कि सरकार पार्टी के एजेंडे को आगे बढ़ा रही है।
सपा लगातार जातिगत जनगणना को मुद्दा बना रही है। भाजपा का क्या स्टैंड है?
मेरा मानना है कि भाजपा सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक और आर्थिक आधार पर भेदभाव नहीं करती है। हमारे नेतृत्व का फोकस अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति का विकास है कि हम कैसे उसकी स्थिति में सुधार करें। सपा के लोगों ने हमेशा जातिगत आधार पर भेदभाव टकराव और तनाव की बात करते हैं। सपा के एजेंडे में समाज का बंटवारा है, हम सभी सभी को साथ लेकर चलते हैं।
जिलाध्यक्षों, क्षेत्रीय टीम और अग्रिम मोर्चा की टीम कब तक घोषित होगी?
संगठन का कार्यकाल जून 2024 तक है, इसलिए मौजूदा टीम में ज्यादा परिवर्तन नहीं होना है। आंशिक संशोधन होना है। यह प्रक्रिया चलती रहती है, सामूहिक निर्णय के आधार पर काम करेंगे।