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यूपी कैबिनेट: अब हर जिले में होगा पर्यटन अधिकारी और पर्यटन सुविधा केंद्र, योगी सरकार ने लिए ये बड़े फैसले

Tue, 30 Jul 2024 09:18 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

UP Cabinet: मंगलवार को यूपी कैबिनेट की बैठक हुई। जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले हुए। साथ ही साथ कैबिनेट ने अनुपूरक बजट पर भी मुहर लगाई। 
 
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योगी कैबिनेट की बैठक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश में पर्यटन विकास व पर्यटकों की सुविधाओं, उनको बेहतर सूचनाओं को देने के लिए अब हर जिले में एक जिला पर्यटन अधिकारी की तैनाती होगी। हर जिले में पर्यटन विभाग का एक कार्यालय होगा। पर्यटन सुविधा व सूचना केंद्र होंगे। ताकि पर्यटकों व श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की जानकारी के लिए यहां-वहां भटकना न पड़ेगा।

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इस क्रम में मंगलवार को कैबिनेट ने पर्यटन विभाग के संगठनात्मक ढांचे के पुर्नगठन पर मुहर लगा दी है। विभाग के अनुसार प्रदेश में तेजी से बढ़ रही पर्यटकों की संख्या के दृष्टिगत विभाग के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की जरूरत है। इसके तहत एक निदेशक पर्यटन, एक निदेशक पर्यटन ईको टूरिज्म, एक अपर निदेशक, 59 जिला पर्यटन अधिकारी व 38 अपर जिला पर्यटन अधिकारी के पद सृजन के प्रस्ताव पर सहमति दी।

पर्यटन व संस्कृत मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इसी क्रम में पहले से चल रहे पर्यटन अधिकारी के 17, सहायक पर्यटन अधिकारी के 13, महानिदेशक पर्यटन के व्यैक्तिक सहायक, डाक्यूमेंटेशन सहायक आदि के पदों को समाप्त करने पर भी सहमति बनी है। पर्यटन अधिकारी को जिला पर्यटन अधिकारी व सहायक पर्यटन अधिकारी को अपर जिला पर्यटन अधिकारी के पद पर समायोजन किया जाएगा। इसी के साथ कई पदों के वेतन बैंड का पुनरीक्षण को भी कैबिनेट ने सहमति दी। 
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उन्होंने कहा कि जिलों में पर्यटन अधिकारी होने व पर्यटन सुविधा व सूचना केंद्र होने से पर्यटकों व यात्रियों को काफी सुविधा होगी। वहीं तेजी से बढ़ रहे पर्यटकों से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार का भी सृजन होगा। पर्यटन मंत्री ने कहा कि पर्यटन विभाग पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाएं विकसित कर रहा है। कनेक्टिविटी पर कार्य हो रहा है ताकि पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। प्रदेश में पर्यटन की आपार सम्भावनाओं को देखते हुए प्रदेश में 12 टूरिज्म सर्किट हैं। जहां पर्यटक अपनी इच्छानुसार भ्रमण करते हैं। इस व्यवस्था को इस बदलाव से और बेहतर किया जाएगा।

ऊर्जा विभाग को मिला 2000 करोड़

विधानसभा में मंगलवार को पेश किए गए अनुपूरक बजट में ऊर्जा विभाग के लिए 2000 करोड रुपये का प्रावधान किया गया है। इसे किसानों और कमजोर वर्गो को दी जाने वाली राहत में खर्च किया जाएगा। इसी तरह रिहंद और ओबरा बांध सुधार परियोजना के लिए 4.2 करोड़. आरडीएसएस योजना के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों के लिए 500 करोड़, राजस्व अनुदान के तहत 983.92 करोड़ का प्रावधान किया गया है। टैरिफ सब्सिडी के तहत 511.88 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बजट प्रावधान किए जाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है।

आजमगढ़ विकास प्राधिकरण सीमा में शामिल होंगे 483 गांव

 शहर में बढ़ती आबादी को आवासीय सुविधाओं बढ़ाने के लिए सरकार ने आजमगढ़ विकास प्राधिकरण की सीमा के विस्तार करने का फैसला किया है। इससे संबंधित प्रस्ताव को मंगलवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव के मुताबिक आजमगढ़ विकास प्राधिकरण की सीमा में 483 नए गांवों को शामिल किया जाएगा। अब तक इसमें सर्फि 159 गांव ही शामिल थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट में आवास विभाग की ओर से इस प्रस्ताव को रखा गया था, जिसे मंजूरी दी गई है। बता दें कि आजमगढ़ विकास प्राधिकरण का गठन जून 2006 में किया गया था। उस समय आजमगढ़ नगर पालिका के 62 और सीमावर्ती 97 गांवों को विकास प्राधिकरण के सीमा क्षेत्र में शामिल किया गया था।
 

नौ इकाइयों को 1000 करोड़ की सब्सिडी व प्रोत्साहन भत्ता

कैबिनेट ने औद्योगिक विकास के लिए नौ इकाइयों को दिए जाने वाले प्रोत्साहन भत्ते और सब्सिडी को मंजूरी दे दी। ये राशि लगभग 1000 करोड़ रुपये की है। इसके अतिरिक्त नोएडा में फूड पार्क बना रहे पातंजलि ग्रुप को दो साल का अतिरिक्त समय दिया गया है।वर्ष 2012 की औद्योगिक नीति के तहत 8 इकाइयों को प्रोत्साहन भत्ता देय था। उन्हें कुल 877 करोड़ रुपये दिए जाएंगे, जिसे कैबिनेट ने ही झंडी दे दी।

लखनऊ में बन रही अशोक लीलैंड की फैक्टरी को लेटर आफ कम्फर्ट जारी किया जाएगा। इसके तहत कैपिटल सब्सिडी, स्टेट जीएसटी, विद्युत शुल्क में प्रतिपूर्ति और स्किल डेवलपमेंट पर प्रतिपूर्ति दी जाएगी। ये राशि लगभग 117 करोड़ रुपये है। नोएडा में फूड पार्क बनाने के लिए पातंजलि को दो वर्ष का अतिरिक्त समय दिया गया है। फूड पार्क बनाने की समयसीमा 2023 में खत्म हो गई थी। कंपनी ने कहा था कि कोविड काल के कारण समय से फूडपार्क नहीं बन पाया। इस पर अतिरिक्त समय दिया गया है।
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