‘साहब, ये तो मंत्री जी की सरकारी गाड़ी है। जबाव आया, तो क्या हुआ? हमारी ड्यूटी नो पार्किंग में खड़ी हुई गाड़ियों को उठाने की है। इसे चौकी ले चलो। अब चालान तो भरना ही होगा।’
यह पूरा घटनाक्रम बुधवार को नगर निगम के लालबाग स्थित मुख्यालय से सटे मार्केट के आगे मुख्य सड़क पर हुआ। यहां एक लाल बत्ती लगी अंबेसडर कार को सड़क के किनारे खड़ा कर दिया गया था, जबकि वहां नो पार्किंग का बोर्ड भी लगा हुआ था।
इस बीच नगर निगम के तहत क्रेन चालक उमर रूमान और कांस्टेबल श्यामवीर यादव वहां पहुंचे। दोनों की निगाह नो पार्किंग में खड़ी लाल बत्ती कार पर पड़ी।
कार मत्स्य विकास और सार्वजनिक उद्यम मंत्री इकबाल महमूद की थी। पर नगर निगम के इन कर्मचारियों पर सूबे की सरकार में कैबिनेट मंत्री का प्रभाव हावी नहीं हो सका। वे सड़क पर खड़ी कार को क्रेन से उठाकर चौकी ले आए।
सरकारी गाड़ी के ड्राइवर को जब कार क्रेन से उठाए जाने की सूचना मिली तो वह भी मौके पर पहुंचा, लेकिन कार को बिना चालान छोड़ने के लिए साफ मना कर दिया गया। चालान काटने वाले नगर निगम स्टाफ दिग्विजय सिंह ने बताया कि चालक और कांस्टेबल दोनों ने अपनी ड्यूटी बखूबी निभाई।