प्रमोशन में आरक्षण पर भी बसपा अध्यक्ष मायावती प्रदेश सरकार पर जमकर बरसीं। उन्होंने सिंचाई विभाग में दलित वर्ग के अभियंताओं के डिमोशन को सपा सरकार की द्वेषपूर्ण व जातिवादी मानसिकता का प्रमाण बताया।
कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रमोशन में आरक्षण खत्म नहीं किया है। सिर्फ दलित वर्ग के लोगों को प्रमोशन में आरक्षण देने के लिए कुछ कड़ी शर्तें तय कर दी हैं।
पर, प्रदेश सरकार ने उन शर्तों पर अमल करने के बजाय यादववाद में दलित वर्ग के कर्मियों का डिमोशन शुरू कर दिया। सरकार जातिवादी व पक्षपातपूर्ण रवैया न अपनाए। सपा व भाजपा के दलित प्रेम की पोल खुल गई है।
सपा द्वारा आयोजित दलित सम्मेलन पर मायावती ने कहा, प्रमोशन में आरक्षण पर सरकार की कार्रवाई के बाद अब कोई दलित सपा के बहकावे में नहीं आने वाला। यह बात अलग है कि यादवों को ही दलित बनाकर सम्मेलन में भीड़ दिखा दी जाए।