शहरों में अब सस्ते फ्लैट लेने का सपना साकार हो सकेगा। राज्य सरकार ने मध्य व निम्न मध्य आय वर्ग के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग नीति के तहत ‘समाजवादी आवास योजना’ को मंजूरी दे दी है। योजना जनवरी से शुरू होगी। इसके तहत अधिकतम 750 वर्ग फीट कवर्ड एरिया के फ्लैट 15 से 30 लाख रुपये तक में मिलेंगे।
इस योजना में प्लॉटों का आवंटन नहीं होगा। पांच साल में फ्लैट दे दिए जाएंगे। आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने गुजरात, राजस्थान, हरियाणा व कर्नाटक की तर्ज पर यह योजना शुरू करने का प्रस्ताव रखा था। कैबिनेट ने शनिवार को इसे मंजूरी दे दी।
शहरों की आबादी बढ़ने के साथ मकानों की मांग तेजी से बढ़ी है। 2012-17 के बीच बारहवीं पंचवर्षीय योजना में कुल 24 लाख मकानों की जरूरत बताई गई है। इनमें 60 फीसदी मकानों की जरूरत निम्न व मध्य आय वर्ग की है।
प्रदेश में गरीबों को कम कीमत पर मकान देने की योजना तो पहले से थी पर अभी तक निम्न मध्य व मध्य आय वर्ग के लिए ऐसी कोई योजना नहीं थी। इस योजना के साथ यह कमी पूरी हो गई।
जमीन फ्री होल्ड कराना हुआ महंगा
विकास प्राधिकरण से ली गई या फिर पट्टे वाली जमीनों को फ्री होल्ड कराना महंगा हो गया है। इसके लिए पट्टागत जमीन को फ्री होल्ड करने की नई नीति लागू की गई है।
10 मई 1995 से पहले लीज पर आवंटित जमीन व मकान रजिस्ट्रेशन मूल्य के दो प्रतिशत शुल्क पर फ्री होल्ड किए जाएंगे।
10 मई 1995 के बाद व इस नीति के लागू होने तक की अवधि वालों से जमीन की वर्तमान कीमत का दो प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा।
नई नीति जारी होने के बाद आवंटियों को जमीन व मकान सीधे फ्री होल्ड करके दिए जाएंगे। इसके लिए जमीन की मौजूदा कीमत का 12 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा।
एक हेक्टेयर से कम पट्टागत जमीन को आवेदन की तिथि को प्रभावी सर्किल रेट का 15 प्रतिशत शुल्क लेकर फ्री होल्ड किया जाएगा।
एक हेक्टेयर व उससे अधिक पट्टागत जमीन को शासन से अनुमोदन की शर्तों के अधीन फ्री होल्ड किया जाएगा। पुनर्विकास योजना में आवेदन की तिथि को प्रभावी सर्किल रेट का 10 प्रतिशत लेकर फ्री होल्ड किया जाएगा।
सड़क, पार्क व खुले क्षेत्र तथा शासकीय अभिकरण को निशुल्क हस्तांतरित की जाने वाली जमीन पर फ्री होल्ड शुल्क नहीं लगेगा।
हर जिले में टॉप थ्री मेधावियों को मिलेगा फ्री लैपटॉप
राज्य सरकार एक बार फिर से छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने की योजना शुरू करने जा रही है। इस बार केवल यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटर पास मेधावी छात्रों को ही मुफ्त लैपटॉप दिए जाएंगे।
इस योजना के लिए वर्ष 2014 में यूपी बोर्ड की सर्वोच्च अंकों के साथ हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा पास करने वाले 500-500 मेधावी पात्र होंगे। इनमें प्रत्येक जिले के हाईस्कूल व इंटर के टॉप थ्री मेधावी शामिल होंगे।
अखिलेश सरकार ने सत्ता में आने के बाद सभी बोर्ड के इंटर पास छात्र-छात्राओं को मुफ्त लैपटॉप देने की योजना शुरू की थी। इसके तहत 14,81,118 लैपटॉप खरीदे गए, जिनमें से 14,42,440 छात्र-छात्राओं को बांट दिए गए।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के पास विभिन्न जिलों में फिलहाल 38,678 लैपटॉप बचे हुए हैं। इसे देखते हुए निर्णय किया गया है कि अब केवल यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटर पास मेधावियों को मुफ्त लैपटॉप बांटे जाएं।
शिक्षकों को भी मिला तोहफा
माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में कार्यरत राष्ट्रीय व राज्य अध्यापक पुरस्कार पाने वाले शिक्षक अब 62 के स्थान पर 65 साल में रिटायर होंगे।
शनिवार को कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय किया गया। माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के रिटायरमेंट की आयु 60 वर्ष है।
अभी तक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को दो साल का सेवा विस्तार दिया जाता रहा है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सीबीएसई की तर्ज पर पुरस्कृत शिक्षकों को पांच साल का सेवा विस्तार देने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
जिन पुरस्कृत शिक्षकों को दो साल का सेवा विस्तार मिला है और वे कार्यरत हैं, उन्हें भी इस फैसले का लाभ मिलेगा।
सीधी भर्ती से भरेंगे युवा कल्याण अधिकारी के 50% पद
प्रदेश में जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी के 50 प्रतिशत पद राज्य लोक सेवा आयोग से सीधी भर्ती के जरिए भरे जाएंगे। बाकी 50 प्रतिशत आयोग पदोन्नति से भरेगा। कैबिनेट ने इसके लिए बनाई गई नियमावली को शनिवार को मंजूरी दे दी।
सरकार ने उत्तर प्रदेश युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल व प्रादेशिक विकास दल अधिकारी सेवा (प्रथम संशोधन) नियमावली- 2014 में भर्ती व पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट व्यवस्था कर दी है।
अब जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी के 50 प्रतिशत पद राज्य लोक सेवा से सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। बाकी 50 प्रतिशत पदों आयोग पदोन्नति के जरिए भरेगा।
लेकिन इसमें 44 प्रतिशत पद मौलिक रूप से नियुक्त ऐसे क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारियों में से भरे जाएंगे जिन्होंने भर्ती के वर्ष के पहले दिन पांच साल की सेवा पूरी की हो।
छह प्रतिशत पद मौलिक रूप से नियुक्त ऐसे व्यायाम प्रशिक्षकों से भरे जाएंगे, जिन्होंने भर्ती के वर्ष के पहले दिन पांच वर्ष की सेवा पूरी की हो।
शौचालय बनवाने में ग्रामीणों को अब नहीं देना पड़ेगा पैसा
प्रदेश कैबिनेट ने यूपीए शासनकाल में शुरू किए गए ‘निर्मल भारत अभियान’ के स्थान पर नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) पर मुहर लगा दी है।
प्रदेश सरकार ने मोदी सरकार के निर्णय के अनुसार शौचालयों के निर्माण में तेजी लाने के लिए राज्यांश के रूप में प्रति शौचालय तीन हजार रुपये देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी।
इससे अब ग्रामीणों को शौचालय बनवाने के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा। निर्मल भारत अभियान में व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण 10 हजार रुपये में कराना पड़ता था।
इसमें 3200 रुपये केंद्र, 1400 रुपये राज्य सरकार, 4500 रुपये मनरेगा से और 900 रुपये लाभार्थी को देना होता था। मोदी सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शौचालय निर्माण के लिए मनरेगा व लाभार्थी अंश को समाप्त कर दिया।
साथ ही शौचालय निर्माण की लागत 12 हजार रुपये कर दी। साथ ही इस रकम का 75 प्रतिशत हिस्सा यानी नौ हजार रुपये खुद देने का फैसला किया। बाकी तीन हजार रुपये राज्यांश के रूप में तय किया गया। कैबिनेट ने केंद्र के इस प्रस्ताव पर अमल करते हुए राज्यांश की धनराशि में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
हाईटेक टाउनशिप में अब 200 एकड़ पर पास होगा ले-आउट
राज्य सरकार ने हाईटेक टाउनशिप योजना में लाइसेंस लेकर
कॉलोनियां बसाने वाले विकासकर्ताओं को बड़ी राहत दी है। इस योजना में 1500
एकड़ जमीन पर आवासीय क्षेत्र विकसित करने वाले विकासकर्ता को लाइसेंस देने
की व्यवस्था है। इसके लिए प्रत्येक 300 एकड़ जमीन पर ले-आउट पास कराने की
अनिवार्यता को समाप्त करते हुए अब 200 एकड़ कर दिया गया है। यह निर्णय
शनिवार को कैबिनेट की बैठक में लिया गया।
इसके
मुताबिक विकासकर्ता को प्रत्येक चरण में 40 प्रतिशत यानी न्यूनतम 200 एकड़
जमीन लेकर डिटेल ले-आउट पास कराना होगा। इसके लिए शर्त यह होगी कि
विकासकर्ता को उतनी जमीन लेनी होगी कि कुल क्षेत्रफल 1500 एकड़ हो जाए और
सभी विकास कार्य अधिकतम तीन चरणों में पूरा हो जाए। राज्य सरकार ने यह
निर्णय कन्फैडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अनुरोध पर
किया है।
कैबिनेट के अन्य महत्तवपूर्ण फैसले
समाजवादी आवास योजना के लिए आवास बंधु में होगा पंजीकरण।लॉटरी के कर्मी आंतरिक लेखा परीक्षा में होंगे समायोजित।लोहिया इंस्टीट्यूट में पुरानी एजेंसी ही कराएगी निर्माण कार्य।एनसीसी में कई संवर्ग के कर्मियों का ग्रेड-पे बढ़ा।300 दर्शक क्षमता वाले सिनेमाहॉल को पांच साल तक मनोरंजन कर में छूट।राज्य सरकार ने हिंदी फिल्म ‘चार साहबजादे’ को टैक्स फ्री करने का निर्णय किया है। इसमें सिक्खों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह के चार पुत्रों की शहादत के बारे में दिखाया गया है।अंतरराज्यीय वायु सेवा के संचालन में सरकार देगी और छूट।
खादी वस्त्रों पर 10 फीसदी की छूट।
एटीएफ पर अब पांच प्रतिशत टैक्स।
प्रो-पुअर टूरिज्म डवलपमेंट योजना को हरी झंडी।