सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी रामद्रोही है। वे राममंदिर का दर्शन करने नहीं गए, क्योंकि उन्हें लगता था कि वोटबैंक खिसक जाएगा। करहलवासी उनसे कहें कि आप कृष्ण-कन्हैया का सम्मान नहीं कर सकते तो हमारा वोट लेने क्यों आते हैं। हम आपसे बॉय-बॉय करते हैं। भाजपा ने कहा था कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। हमने करके दिखा दिया। श्रीकृष्ण-कन्हैया हम आएंगे, मथुरा में भी जनभावना का सम्मान कराएंगे, क्या सपा इस पर सहमत है। क्या समाजवादी पार्टी मथुरा-वृंदावन को लेकर सरकार की सोच का समर्थन करेगी। उन्हें वोट चाहिए, लेकिन कृष्ण-कन्हैया का सम्मान नहीं। वे इस पर मौन हैं। सरकार मथुरा, गोकुल, बरसाना, बलदेव, वृंदावन तीर्थों का विकास कर रही है। लगता है मथुरा-वृंदावन पांच हजार पहले के कालखंड में जा चुका है, जब कन्हैया स्वयं वहां निवास करते थे।
अपने कारनामों से जानी जाती है सपा
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में निषाद बेटी और कन्नौज में सपा नेता के कृत्य किसी से छिपे नहीं हैं। यह सभ्य समाज के कलंक हैं। लाल टोपी-काले कारनामे को पनपने मत दीजिए। यह लोग षडयंत्र कर रहे हैं, फिर से यूपी को अराजकता में ढकेल देंगे। लोकसभा चुनाव में इनका झूठ एक्सपोज हो गया। इनसे पूछिए कि खटाखट-खटाखट के एक-एक लाख रुपये कहां हैं। चुनाव में इनको सफाचट कर दीजिए। गलत व्यक्ति को प्रश्रय देने से भावी पीढ़ी के भविष्य से खिलवाड़ और वर्तमान पीढ़ी बर्बाद होती है।
सीएम योगी ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक संस्था के रूप में स्थापित करना चाहिए या सामान्य संस्था के रूप में रहना चाहिए। इस पर कल माननीय उच्चतम न्यायालय में बहस हो रही थी। भारत के संसाधनों से पलने और जनता के टैक्स से चलने वाला ऐसा संस्थान, जो पिछड़ी, अनुसूचित जाति या जनजाति के लोगों को आरक्षण नहीं देता है, लेकिन मुसलमानों के लिए स्वयं के माध्यम से 50 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था कर रहे हैं। भारत का संविधान अनुसूचित जाति-जनजाति व मंडल कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर पिछड़ी जाति के लोगों को आरक्षण की सुविधा देता है, लेकिन एएमयू में यह सुविधा क्यों नहीं मिल पाती है। जब भारत का पैसा लगा है तो वहां भी इन्हें आरक्षण की सुविधा का लाभ मिलना चाहिए। नौकरी और प्रवेश में भी यह सुविधा मिलनी चाहिए। इसे क्यों बंद किया गया, क्योंकि कांग्रेस-सपा, बसपा नहीं चाहती है। वोटबैंक बचाने के लिए यह लोग आपकी भावना व राष्ट्रीय एकता-अखंडता, अस्मिता के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
कश्मीर को आतंकवाद का गढ़ बनाने के लिए शुरू हो चुकी है शरारत
सीएम योगी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है। वहां विधानसभा ने प्रस्ताव पारित किया है कि कश्मीर में फिर से 370 की बहाली होनी चाहिए। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर नहीं चाहते थे कि भारत के संविधान में धारा 370 जुड़े, लेकिन नेहरू की जिद ने जबर्दस्ती इसे जुड़वाया। कांग्रेस ने कभी भी धारा-370 को हटाने का प्रयास नहीं किया, लेकिन देशहित में पीएम मोदी ने 35 ए व 370 को हटा दिया। इस कारण पांच वर्ष से वहां विकास व सुरक्षा का बेहतरीन माहौल है। अब कश्मीर में लाखों पर्यटक आते हैं। सीएम ने आरोप मढ़ा कि कश्मीर को फिर से आतंकवाद का गढ़ बनाने के लिए शरारत प्रारंभ हो चुकी है।
रैली को संबोधित करते सीएम योगी
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सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस जब भी सफल होगी, तब आपको विभाजित करके सफल होगी। इसलिए बंटिए मत, जब बंटे थे तो कटे थे। एक रहेंगे तो नेक और सेफ रहेंगे। उन्होंने कहा कि राम मंदिर, भगवान विश्वनाथ, मथुरा में कृष्ण कन्हैया की जन्मभूमि का अपमान सामने आया था। हमारी मां-बहन, बेटियों के साथ क्या कुछ नहीं हुआ था। इन सबके बावजूद गांधारी की तरह यदि आंख पर पट्टी बांधकर जाति और स्वार्थ में बंटे हैं तो कटने के सिवाय हमारी दूसरी नियति नहीं हो सकती है।
पहले इंदिरा आवास के नाम पर गांव में एक व्यक्ति को मिलता था 20 हजार रुपये
सीएम योगी ने 2017 के पहले और बाद के यूपी का अंतर बताया। बोले-पहले अलीगढ़ में हर 10 दिन में दंगा व कर्फ्यू लगता था, लेकिन साढ़े सात वर्ष में कोई उपद्रव व गुंडागर्दी की हिम्मत नहीं कर पाया। ऐसे लोगों को मालूम है कि एक तरफ यमराज इंतजार करेंगे तो दूसरी तरफ बाप-दादा की संपत्ति को कब्जे में लेकर गरीबों में बांट दिया जाएगा। अव्यवस्था का आलम यह था कि पीएम आवास के रूप में इंदिरा आवास के नाम पर 20 हजार रुपये आता था, वह भी गांव में किसी एक व्यक्ति को मिलता था। पेंशन भी केवल सपा के लोगों को मिलती थी, लेकिन भाजपा की डबल इंजन सरकार ने बिना भेदभाव हर योजनाओं का लाभ दिलाया। कल्याण सिंह ने अलीगढ़ के लिए सपना देखा था, वह साकार हो गया। अलीगढ़ में एयरपोर्ट चालू हो गया है। यह डिफेंस मैन्यूफेक्चरिंग कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हब बन रहा है। हार्डवेयर का सेंटर बना। यहां का ताला उद्योग पुनर्जीवित हो गया है।
सीएम योगी ने पूछा कि राजू पाल-उमेश पाल की हत्या होती है तो सपा क्यों मौन रहती है। उमेश पाल की सुरक्षा में लगे निषाद जवान का क्या दोष था। यह लोग अपनी प्रवृत्ति से बाज नहीं आने वाले हैं। यह माफिया व अपराधी प्रवृत्ति के तत्वों और दंगाइयों को गले लगाकर प्रदेश को दंगे की आग में झोंकने का प्रयास करते हैं। कानपुर का दंगाई जेल की सीखचों में है। दलितों व वाल्मीकि समुदाय की जमीन पर कब्जा करने वाला सपा सरकार का पूर्व मंत्री रामपुर जेल में है। सपा उसे निर्दोष मानती है। प्रयागराज हो या गाजीपुर के माफिया, सपा निर्दोष नागरिकों पर संवेदना नहीं व्यक्त करती, लेकिन माफिया के यहां फातिहा पढ़ने चले जाते हैं। 1984 में सिख बंधुओं के साथ जिस निर्ममता के साथ बर्बर अत्याचार किया था, यह कांग्रेस के चेहरे को दिखाता है।सपा-बसपा व कांग्रेस एक ही थैले के चट्टे-बट्टे हैं। कानपुर मेट्रो में 12 से 15 हजार यात्री यात्रा करते हैं। जनवरी में इसका दूसरा सेक्शन खुलेगा तो प्रतिदिन 50 हजार लोग इसमें यात्रा करेंगे।