2013 में कुंभ का प्रभारी तत्कालीन आजम खां को बनाए जाने पर सीएम ने उनका नाम लिए बगैर कहा कि हमने सपा की तरह आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं किया। उनके समय में मुख्यमंत्री को फुर्सत नहीं थी कि वे उस आयोजन को देख सकें और उसकी समीक्षा कर सकें। यही वजह है कि उन्होंने एक गैर सनातनी को कुंभ का प्रभारी बनाया था, लेकिन यहां मैं स्वयं लगातार समीक्षा करा रहा हूं। यही वजह है कि 2013 के कुम्भ में जो भी गया, उसे अव्यवस्था, भ्रष्टाचार और प्रदूषण देखने को मिला।