यूपी बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने की खास कोशिश की गई है। प्रदेश के कई शहरों को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए धन का आवंटन किया गया है।
धार्मिक नगरियों को ऐसा किया फोकस
-श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर से गंगा नदी तक के मार्ग के विस्तारीकरण/सौन्दर्यीकरण के पश्चात श्रद्धालुओं की संख्या में 4 से 5 गुना वृद्धि हुई है।
- जनपद अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण कार्य के दृष्टिगत पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की संख्या में सम्भावित वृद्धि के दृष्टिगत 03 पहुंच मार्गों का चौड़ीकरण/सौन्दर्यीकरण का कार्य एवं 6 स्थानों पर पार्किग तथा जन सुविधाओं का विकास कार्य किया जा रहा है।
-जनपद मिर्जापुर में विन्ध्याचल स्थित त्रिकोणीय क्षेत्र में माँ विन्ध्यवासिनी मंदिर, माँ अष्टभुजा मंदिर, माँ कालीखोह मंदिर को जोड़ने वाले त्रिकोण संरेखण में आने वाले परिक्रमा मार्गों एवं जन सुविधाओं के उन्नयन हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
- महाकुंभ की पूरी व्यवस्था के लिए 2500 करोड़ का आवंटन
- महाकुम्भ, 2025 के अन्तर्गत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यों हेतु 100 करोड़ रूपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
- निषाद राज गुहा सांस्कृतिक केन्द्र, श्रृंगवेरपुर की स्थापना हेतु 14.68 करोड़ रूपये, जनपद आजमगढ़ के हरिहरपुर में संगीत महाविद्यालय की स्थापना हेतु 11.79 करोड़ रूपये तथा महर्षि वाल्मीकि सांस्कृतिक केन्द्र चित्रकूट की स्थापना हेतु 10.53 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- अन्तर्राष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान अयोध्या हेतु 10 करोड़ रूपये प्रस्तावित है।
पर्यटन भी रहा फोकस में
-उत्तर प्रदेश में वर्ष-2023 में जनवरी से अक्टूबर तक 37 करोड़ 90 लाख से अधिक पर्यटक आए, जिनमें भारतीय पर्यटकों की संख्या लगभग 37 करोड़ 77 लाख एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या लगभग 13 लाख 43 हजार है।
- प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन वृहद स्तर पर किया गया। इस अवसर पर राम की पैड़ी पर 22 लाख 23 हजार दीप जलाकर गिनीज वल्र्ड रिकार्ड बनाया गया।
- अयोध्या, वाराणसी, चित्रकूट, लखनऊ, विन्ध्याचल, प्रयागराज, नैमिषारण्य, गोरखपुर, मथुरा, बटेश्वर धाम, गढ़मुक्तेश्वर, शुकतीर्थ धाम, माँ शाकुम्भरी देवी, सारनाथ एवं अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों का पर्यटन विकास एवं सौन्दर्यीकरण के कार्य कराये जा रहे हैं।
- ‘‘मुख्यमंत्री पर्यटन विकास सहभागिता योजना‘‘ के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में एक पर्यटन स्थल को विकसित किए जाने की योजना है।