मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बजट में पत्नी डिम्पल यादव व पिता मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र को कई सौगातें दी हैं।
कन्नौज में कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना के साथ ही हृदय रोग संस्थान भी बनाया जाएगा। राजकीय पुरातत्व संग्रहालय कन्नौज के आधुनिकीकरण के लिए भी मुख्यमंत्री ने पांच करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।
वहीं, पिता के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ को अखिलेश ने चीनी मिल का तोहफा दिया है। सरकार वर्ष 2007-08 से बंद चल रही सठियांव चीनी मिल के स्थान पर नई चीनी मिल बनाने जा रही है, जहां रोजाना 3500 टन गन्ना की पेराई हो सकेगी।
इसमें को-जेनरेशन व आसवनी प्लांट भी स्थापित किया जाएगा। इसके लिए बजट में 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
सरकार आजमगढ़ में ही एक कृषि महाविद्यालय भी खोलने जा रही है, जो कृषि एवं प्रौद्योगकी विश्वविद्यालय फैजाबाद के अंतर्गत काम करेगा। इसके लिए तीन करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
इटावा और मैनपुरी का भी रखा ध्यान
मुख्यमंत्री ने गृह जिला इटावा के अपने गांव सैफई में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के लिए भी 25 करोड़ रुपये दिए हैं।
वहीं सैफई स्पोर्ट्स कॉलेज में सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक की स्थापना के लिए छह करोड़ रुपये दिए हैं। स्पोर्ट्स स्टेडियम में हॉकी एस्ट्रोटर्फ के लिए 4.60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मैनपुरी में समान पक्षी विहार का विकास किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 50 लाख रुपये दिए हैं।
इटावा में लॉयन सफारी के बाद अब अन्य वन्यजीवों के सफारी पार्क की स्थापना के लिए 13 करोड़ रुपये की व्यवस्था सरकार ने की है। इटावा व मैनपुरी में किसान बाजार भी बनाए जा रहे हैं। इसकी व्यवस्था भी बजट में की गई है।
‘चचा’ आजम पर भी मेहरबानी
अखिलेश सरकार का आजम खां व उनके क्षेत्र रामपुर पर मेहरबानियों का दौर जारी है।
सरकार ने मुहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में मेडिकल कॉलेज व अस्पताल खोलने के लिए बजट में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
वहीं, बजट में नगर विकास विभाग के लिए आजम के मन मुताबिक 3,513 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाओं और शहरी क्षेत्रों के कब्रिस्तानों की चारदीवारी के लिए भी रकम का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा रामपुर में ग्राउंड वाटर रिचार्ज के लिए चेकडैम का भी निर्माण किया जाएगा। जानकारों के अनुसार, जौहर विवि में मेडिकल कॉलेज के लिए 10 करोड़ के प्रावधान को तो महज टोकन मनी माना जा रहा है।
इसके लिए बाद में विस्तृत प्रस्ताव आने पर और बजट की व्यवस्था की जाएगी। जौहर विवि तक जाने के लिए जाम का सामना न करना पड़े, इसलिए वहां ओवरब्रिज बनाने और सड़क चौड़ीकरण का काम पूर्व में ही कराया जा चुका है।