मायावती ने ट्विटर के जरिए के जरिए कहा कि प्रयागराज के बाद अब आजमगढ़ में भी दलित पति पत्नी की गला काटकर हत्या कर दी गई है। यह घटना अति दर्दनाक, दुखद एवं निंदनीय है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कानून व्यवस्था एवं किसानों के मुद्दों को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ में दलित पति पत्नी की हत्या अति दुखद है। दलितों पर हो रहे अत्याचारों को सरकार तुरंत सख्ती से रोके। उन्होंने तीनों कृषि कानूनों की दोनों सदनों में वापसी को लोकतंत्र की जीत बताया।
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सोमवार को मायावती ने ट्विटर के जरिए के जरिए कहा कि यूपी में प्रयागराज के बाद अब आजमगढ़ में भी दलित पति पत्नी की गला काटकर हत्या कर दी गई है। यह घटना अति दर्दनाक, दुखद एवं निंदनीय है। दलितों पर आए दिन हो रहे ऐसे अत्याचारों को सरकार तुरंत सख्ती से रोके तथा दोषियों के विरुद्ध सही व सख्त कार्रवाई भी करे।
उन्होंने तीन कृषि कानूनों पर कहा कि संसद के दोनों सदनों में इन कानूनों की वापसी किसानों को थोड़ी राहत देने वाली है। साथ ही यह देश के लोकतंत्र की वास्तविक जीत है। यह सबक है सभी सरकारों केलिए कि वे सदन के भीतर व बाहर लोकतांत्रिक आचरण करें। उन्होंने कहा कि देश के किसानों की विभिन्न समस्याओं को दूर करने के क्रम में खासकर फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करने की मांग पर केंद्र सरकार की चुप्पी अब भी बरकरार है।
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केंद्र सरकार द्वारा इस पर भी सकारात्मक पहल की जरूरत है ताकि किसान खुशी खुशी अपने घरों को लौट सकें। केंद्र सरकार आंदोलित किसानों से पुन: गंभीर वार्ता शुरू करके देश में खेती किसानी व किसान परिवारों के वास्तविक उत्थान के लितए ठोस उपाय के लिए सही नीति का निर्धारण करे। ताकि देश में सभी जगह नई हरित क्रांति की शुरुआत हो सके। किसानों का जीवन खुशहाल हो सके।