डिजिटल रूप से पिछड़े आठ जिले बहराइच, बलरामपुर, चंदौली, चित्रकूट, फतेहपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और सोनभद्र के लिए खास अभियान चलाया गया। नतीजा से निकला कि फतेहपुर, चित्रकूट और सोनभद्र ने लक्ष्य से औसतन दोगुना ज्यादा सफलता प्राप्त की।
इसमें करीब 25.81 लाख करोड़ रुपये अकेले 500 के नोट हैं। नोटबंदी के बाद वर्ष 2017-18 में लगभग 17 लाख करोड़ रुपये बाजार में थे। इसमें करीब 7.70 लाख करोड़ रुपये पांच सौ के थे।
प्रति व्यक्ति डिजिटल लेनदेन में चौथे स्थान पर यूपी आ गया है। कर्नाटक जैसे राज्य भी यूपी से नीचे खिसक गए हैं। राजस्थान और मध्य प्रदेश मिलाकर भी यूपी आगे है।
| प्रदेश |
प्रति व्यक्ति डिजिटल लेनदेन |
| आंध्र प्रदेश |
17.68 |
| हरियाणा |
12.42 |
| दिल्ली |
09.31 |
| यूपी |
07.73 |
| महाराष्ट्र |
06.94 |
| कर्नाटक |
06.53 |
| राजस्थान |
02.30 |
| मध्य प्रदेश |
02.10 |
(केंद्र सरकार के डिजिधन डैशबोर्ड के मुताबिक )