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यूपी बोर्ड : 10वीं के छात्रों के अंक मांगने के बाद अब उन्हीं छात्रों के कक्षा नौ के अंक भी मांगे गए

Thu, 20 May 2021 11:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

यूपी बोर्ड ने कक्षा 9 की वार्षिक परीक्षा के अंक भी मांगे हैं। इससे एक बात तो साफ हो गई है कि हाईस्कूल के छात्रों को उनके 2 वर्ष की परफॉर्मेंस के आधार पर औसत अंक मिलेंगे।
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यूपी बोर्ड : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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यूपी बोर्ड ने 10वीं के छात्रों के अर्द्धवार्षिक और प्री बोर्ड परीक्षा के अंक मांगने के बाद अब उन्हीं छात्रों के कक्षा 9 की वार्षिक परीक्षा के अंक भी मांगे हैं। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे 24 मई शाम तक कक्षा 9 के भी अंक अपलोड कर दें। इससे एक बात तो साफ हो गई है कि हाईस्कूल के छात्रों को उनके 2 वर्ष की परफॉर्मेंस के आधार पर औसत अंक मिलेंगे।

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हालांकि बोर्ड ने अभी तक इसको लेकर कोई आदेश जारी नहीं किया है। वहीं, स्कूलों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि गत वर्ष कक्षा 9 के छात्रों को प्रमोट कर दिया गया था, लेकिन इनमें से कई स्कूल वार्षिक परीक्षा ही नहीं करा पाए थे।

यूपी बोर्ड ने गत 17 मई को आदेश जारी कर हाईस्कूल के छात्रों के अर्द्धवार्षिक और प्री-बोर्ड परीक्षा के अंक व आंतरिक मूल्यांकन के अंक माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए थे। बुधवार को बोर्ड ने इन छात्रों के कक्षा 9 के भी वार्षिक परीक्षा व आंतरिक मूल्यांकन के अंक अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी स्कूलों को अंक अपलोड करने के निर्देश दे दिए हैं। 24 मई शाम तक कक्षा 9 के भी अंक परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करने हैं।
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इस आदेश के बाद शिक्षकों की माने तो छात्रों को कक्षा 10 के छात्रों को दो साल के परीक्षा की परफॉर्मेंस के आधार पर औसतन अंक दिए जाएंगे। 70 अंक की परीक्षा होती है और 30 अंक का आंतरिक मूल्यांकन। उसी के आधार पर औसतन अंक भी दिए जाएंगे। इस आदेश के बाद स्कूलों के सामने एक समस्या खड़ी हो गई है।

गत वर्ष कक्षा 9 के छात्रों को प्रमोट कर दिया गया था, लेकिन कई स्कूल ऐसे थे जो वार्षिक परीक्षा ही नहीं करा पाए। स्कूलों के अनुसार ऐसों के पास छात्रों के अंक नहीं होंगे। वहीं, शिक्षकों ने बताया कि पहली बार बोर्ड की व्यवस्था है। स्कूलों के पास कक्षा 9 के अंकों का रिकॉर्ड भी जल्दी से उपलब्ध नहीं होगा। कई शिक्षकों ने बताया कि ऐसी परिस्थिति में स्कूल मनमाना अंक अपलोड करेंगे।

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