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दिल्ली में अपने लिए 'घर' तलाश रहे हैं यूपी भाजपाई

Fri, 25 Mar 2016 01:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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भाजपा को यूपी में अभी नया प्रदेश अध्यक्ष भले ही न मिला हो, लेकिन सूबे के भाजपाइयों में दिल्ली में ठौर तलाशने के लिए दौड़भाग शुरू हो गई है। इसके लिए अपने-अपने तरीके से समीकरण बैठाने की कोशिश हो रही है।
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हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि भाजपा में बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष दूसरी पारी शुरू करने वाले अमित शाह अपनी राष्ट्रीय टीम कब तक बनाएंगे।

प्रदेश की टीम में जिस बड़े पैमाने पर फेरबदल की चर्चा चल रही है, उसे देखते हुए यहां के ज्यादातर पदाधिकारियों को समय रहते नए ठिकाने की चिंता सताने लगी है। चूंकि अमित शाह के दूसरी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राष्ट्रीय टीम में भी फेरबदल की चर्चा शुरू हो गई है, इसलिए सूबे की टीम से छुट्टी की आशंका के मद्देनजर कई नेता दिल्ली की टीम में अपनी जगह अभी से सुरक्षित कर लेना चाहते हैं।

वैसे तो शाह की मौजूदा 56 पदाधिकारियों की टीम में इस समय उप्र के 13 लोग पदाधिकारी हैं, पर प्रदेश टीम में शामिल पदाधिकारियों को उम्मीद है कि 2017 के चुनावी समर के मद्देनजर यह भागीदारी बढ़ाई जा सकती है।
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यूपी वालों को ज्यादा मौका मिलने की उम्मीद पाले नेताओं का तर्क है कि केंद्रीय टीम के कई पदाधिकारियों की इच्छा इस बार विधानसभा चुनाव लड़ने की है।

इनका कहना है कि राष्ट्रीय टीम के एक उपाध्यक्ष, दो महासचिव, एक राष्ट्रीय सचिव, दो मोर्चों के अध्यक्ष विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं।

वैसे तो पार्टी संविधान के मुताबिक, विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए राष्ट्रीय टीम से अवकाश जरूरी नहीं है लेकिन नेताओं का तर्क है कि पार्टी संगठनात्मक टीम और चुनावी टीम को पूरी तरह अलग-अलग रखना चाहती है।

इसलिए इनके स्थान पर उन लोगों को मौका दिया जा सकता है जो सिर्फ संगठन में रहकर पार्टी का काम करने के इच्छुक हैं।
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इनके दिलों में जगीं उम्मीदें

वैसे तो प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के उत्तराधिकारी की घोषणा को लेकर अभी किसी समय सीमा का संकेत नहीं दिया गया है लेकिन लोग यह मानकर चल रहे हैं कि वाजपेयी की जगह अगर किसी नए चेहरे को यूपी की अध्यक्षी सौंपी जाती है तो उन्हें भी किसी न किसी रूप में केंद्रीय भूमिका में रखा जाएगा।

इसी तरह प्रदेश की टीम में शामिल वे पदाधिकारी जिनके नाम प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हैं, उनकी तरफ से भी दूसरे विकल्प के रूप में दिल्ली में ठिकाना तलाशने का प्रयास शुरू हो गया है।

इनका मानना है कि अध्यक्ष पद के लिए नाम चल जाने और प्रदेश की टीम में कई वर्षों से एक ही भूमिका निभाने की वजह से उनके लिए दिल्ली में जगह तलाशना ज्यादा ठीक होगा।
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