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ग्राम पंचायतों को दिए धन पर है मोदी सरकार की नजर

Fri, 25 Mar 2016 01:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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नरेंद्र मोदी - फोटो : getty images
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ग्राम पंचायतों को बड़ी रकम का आवंटन शुरू करने के बाद केंद्र सरकार अपने स्तर से इसकी मॉनिटरिंग भी करवा रही है। जिस तरह प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मुख्य सचिवों के साथ राष्ट्रीय परियोजनाओं से जुड़े अहम विषयों की समीक्षा करते हैं, उसी तरह केंद्रीय पंचायतीराज मंत्रालय के सचिव ने पंचायतों को दिए गए पैसे के खर्च की मॉनिटरिंग भी शुरू की है।
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मोदी सरकार ने 14 वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार क्षेत्र पंचायतों व जिला पंचायतों को सहायता अनुदान देने की व्यवस्था बंद कर ग्राम पंचायतों को पहले से कई गुना ज्यादा रकम देने की शुरुआत की है।

तेरहवें वित्त आयोग ने प्रदेश को जहां पांच साल में 9787 करोड़ रुपये देने की संस्तुति की थी वहीं 14 वें वित्त आयोग ने 35776.56 करोड़ रुपये की सिफारिश की है।
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इसके बाद 2016-17 के बजट में भी केंद्र ने ग्राम पंचायतों के लिए पहले से अधिक आवंटन का एलान किया है। पंचायतें किस तरह इस रकम से विकास योजना बनाएंगी और पैसा किस तरह खर्च होगा, इसके दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं। अब केंद्र ने इसके क्रियान्वयन की निगरानी भी बढ़ा दी है।
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75 जिलों के अधिकारियों के साथ चर्चा कर समीक्षा की

- फोटो : getty images
पंचायतीराज विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पंचायतीराज मंत्रालय के सचिव एसएम. विजयानंद ने पिछले महीने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर सूबे के सभी 75 जिलों के अधिकारियों के साथ ग्राम पंचायत विकास योजना की प्रगति की समीक्षा की।

केंद्र के एक अधिकारी की इस स्तर पर सक्रियता उसकी प्राथमिकता का संकेत करती है। समीक्षा बैठक में कई जिलों के खंड विकास अधिकारियों ने विकास खंड स्तर पर योजना के क्रियान्वयन के संबंध में स्पष्ट दिशा निर्देश की जरूरत बताई।

इसके बाद प्रमुख सचिव पंचायतीराज चंचल कुमार तिवारी ने जिलाधिकारियों व जिला पंचायतराज अधिकारियों को कई अहम दिशा निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने इन निर्देशों पर अमल के लिए ताकीद भी किया है।
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इस तरह की जाएगी निगरानी

- फोटो : getty images
विकास खंड स्तर पर योजना के नियोजन व कार्यान्वयन के लिए खंड विकास अधिकारी की अध्यक्षता में विकास खंड स्तरीय क्रियान्वयन एवं समन्वयन समिति होगी जो विकास खंड में ग्राम पंचायत विकास योजना के क्रियान्वयन व अनुश्रवण की कार्यकारी समिति होगी।

इस समिति में चिकित्साधिकारी स्वास्थ्य, चिकित्साधिकारी पशुपालन, सीडीपीओ, खंड शिक्षा अधिकारी के अलावा ब्लॉक स्तर पर नियुक्त अवर अभियंता, एडीओ, सहायक  विकास अधिकारी महिला, ब्लॉक आर्गनाइजर पीआरडी व बीडीओ की ओर से नामित दो प्रधान शामिल होंगे।

न्याय पंचायत स्तर पर बनेंगे क्लस्टर
ग्राम पंचायतों की योजना के निर्माण व अनुश्रवण के लिए 10 ग्राम पंचायतों पर एक क्लस्टर गठित करने का आदेश हुआ था। समीक्षा में पता चला कि यह काफी बड़ा समूह हो जाएगा।

अब शासन ने क्लस्टर का गठन न्याय पंचायत स्तर पर ही करने का फैसला किया है। ब्लॉक स्तरीय विभिन्न विभागों के अधिकारी इन क्लस्टरों के चार्ज ऑफिसर नियुक्त किए जाएंगे।
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