सीएम ने कहा कि मेले में राजनेताओं को तो बुलाया जा रहा है, पर उत्तराखंड के कलाकारों को नहीं बुलाया जा रहा। ऐसे मंचों पर नवोदित कलाकारों को स्थान देना चाहिए। यूपी महोत्सव आयोजित करके वे लोक संस्कृति को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं।
सीएम ने उत्तराखंड की जागर प्रथा की तारीफ करते हुए कहा कि उसे अक्षुण्ण रखने की आवश्यकता है। उन्होंने उत्तराखंड की परंपराओं का गोरखपुर पीठ से संबंध के बारे में भी जानकारी दी।
कहा, आगे से जब भी कौथिग आयोजन में स्मृति चिह्न दिए जाएं तो वे केदारनाथ, बद्रीनाथ या अन्य किसी स्थान से संबंधित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकभवन के सामने पूर्व केंद्रीय मंत्री गोविंद वल्लभ पंत की मूर्ति के ऊपर छत बनाने का सुझाव दिया गया है, जिस पर सरकार अमल करेगी।