सभी स्थानीय निकायों और जलकल विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि जोखिम युक्त सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई मैनुअल तरीके से करवाने में परहेज किया जाए। सुनिश्चित किया जाए कि सफाई के काम में मशीनों का इस्तेमाल हो।
सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई में होने वाली मौतों को रोकने के लिए नगर विकास विभाग ने 'स्टैंडर्ड ऑफ ऑपरेटिंग प्रोसीजर' (एसओपी)जारी की है। सभी स्थानीय निकायों और जलकल विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि जोखिम युक्त सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई मैनुअल तरीके से करवाने में परहेज किया जाए। सुनिश्चित किया जाए कि सफाई के काम में मशीनों का इस्तेमाल हो।
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नगर विकास विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सफाई कर्मचारियों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाए ताकि उनकी जान पर कम ही जोखिम रहे। विभाग ने कहा है कि 20 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में जो आदेश दिए हैं, उनका भी अनुपालन किया जाए। स्थानीय निकाय निदेशालय ने नगर विकास विभाग से मिले आदेश के बाद सभी शहरी निकायों को पूर्व में और मौजूदा समय में जारी एसओपी पर पूरी तरह अमल करने के लिए कहा है।
निदेशक स्थानीय निकाय डॉ़ नितिन बंसल ने कहा है कि असुरक्षित सफाई करवाना कानूनी अपराध है। बिना समुचित सुरक्षा उपायों के सीवर में प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए। उन्होंने कहा है कि जहां पर काम हो रहा है वहां फर्स्ट एड और ऑक्सिजन समेत सभी सुरक्षा इंतजाम होने चाहिए ताकि आपात स्थिति में कर्मचारियों को बचाया जा सके। सीवर सफाई के काम में लगने वाले कर्मचारियों को प्रशिक्षित होना अनिवार्य है और वैध आई-कार्ड होना चाहिए। सीवर सफाई का काम ऐसे समय में किया जाए, जब सीवर में सीवरेज सबसे कम मात्रा में हो।