फर्जी सिम से खोले गए खातों और कार्डलेस ट्रांजेक्शन के बारे में एटीएस यह पता लगाने में जुटी है कि इस खेल में किन लोगों का हाथ है? क्या इसमें विदेशी ताकतें शामिल हैं? इन पैसों का इस्तेमाल देश के विरुद्ध तो नहीं किया जा रहा था? जासूसी के लिए इन पैसों का इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा था?
एटीएस पता लगा रही कि फर्जी सिम से खोले गए खातों और कार्डलेस ट्रांजेक्शन के इस खेल में किन लोगों का हाथ है? क्या इसमें विदेशी ताकतें शामिल हैं? इन पैसों का इस्तेमाल देश के विरुद्ध तो नहीं किया जा रहा था? जासूसी के लिए इन पैसों का इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा था?
सूत्रों का कहना है कि यूपी एटीएस ने शनिवार को दिल्ली में भी पांच स्थानों पर छापे मारे हैं। एटीएस को उन लोगों की तलाश कर रही है जो खातों से पैसे निकालते थे। जिन लोगों के नाम से खाते हैं, उन्हें हिरासत में लेकर पड़ताल की गई थी, लेकिन उन्हें खाते के बारे में ही कोई जानकारी नहीं थी। पैसे जहां से निकाले गए, वहां ये लोग कभी गए ही नहीं।
कार्डलेस ट्रांजेक्शन से पकड़ में नहीं आ पा रही चेन
एटीएस सूत्रों का कहना है कि विभिन्न खातों में जमा की गई रकम कार्डलेस ट्रांजेक्शन के जरिए निकाली गई है, इसलिए पूरी चेन को पकड़ पाना मुश्किल हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में बैंक अधिकारियों और बैंक के विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है।