मुजाहिदीन आर्मी बनाकर हिंदू धर्मगुरुओं की हत्या की साजिश रचने वाले पांच कट्टरपंथी विचारधारा वाले युवकों को एटीएस ने मंगलवार को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी। एटीएस मुख्यालय में पांचों का आमना-सामना कराकर तमाम सवाल किए गए। उन्होंने कबूला कि उनके निशाने पर भड़काऊ भाषण देने वाले दो हिंदू धर्मगुरू थे।
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बता दें कि एनआईए की अदातल ने पांचों आरोपियों को आठ दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर एटीएस के सुपुर्द करने का आदेश दिया था, जिसके बाद मंगलवार सुबह 10 बजे एटीएस की टीम ने कड़ी सुरक्षा में सुल्तानपुर निवासी अकमल रजा, साेनभद्र निवासी सफिल सलमानी उर्फ अली रिजवी, कानपुर निवासी मोहम्मद तौसीफ और रामपुर निवासी कासिम अली और फतेहपुर निवासी सरगना मोहम्मद रजा को अपनी कस्टडी में लेकर मुख्यालय ले जाकर आमना-सामना कराया।
इस दौरान अधिकारियों ने उनके व्हाट्सएप के कोर ग्रुप मशवरा के बाकी सदस्यों के नाम भी पूछे, जिसके बाद उनकी तलाश में टीमें जिलों में भेजी गई हैं। एटीएस ने उनसे फंडिंग के बारे में भी पता लगाने का प्रयास किया और उनके बैंक खातों की जानकारी को सामने रखकर सवाल किए। एटीएस पांचों को बुधवार को कुछ जगहों पर ले जाकर छापे मारने की तैयारी में है। सूत्रों की मानें तो इस दौरान हथियारों की बरामदगी हो सकती है।