मुख्य सचिव ने बताया कि अनुसूचित बहुल ऐसे जिलों में जहां पर एक भी आश्रम पद्धति विद्यालय नहीं है, उनको प्राथमिकता पर लिया जाएगा। बैठक में बताया गया कि शामली, मुजफ्फरनगर, मऊ, बागपत और हापुड़ में विद्यालय स्थापना के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं।
प्रदेश में पांच नए राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों की स्थापना होगी। मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी की अध्यक्षता में गठित समिति ने इन विद्यालयों की स्थापना की संस्तुति की है। ये विद्यालय कन्नौज, गौतमबुद्धनगर, शाहजहांपुर, सुल्तानपुर और मिर्जापुर में स्थापित होंगे। विद्यालयों की स्थापना के लिए जरूरी भूमि का इंतजाम हो चुका है।
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कन्नौज, गौतमबुद्ध नगर और शाहजहांपुर में कोई भी राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय नहीं है। सुल्तानपुर में दो बालक विद्यालय हैं, पर कोई भी बालिका विद्यालय नहीं है। वहीं, मिर्जापुर में दो बालक व बालिका विद्यालय हैं, पर एसएसी व एसटी की अधिक जनसंख्या के लिहाज से एक और विद्यालय का प्रस्ताव किया गया है। इसके लिए जरूरी 5 एकड़ भूमि का इंतजाम हो चुका है।
मुख्य सचिव ने बताया कि अनुसूचित बहुल ऐसे जिलों में जहां पर एक भी आश्रम पद्धति विद्यालय नहीं है, उनको प्राथमिकता पर लिया जाएगा। बैठक में बताया गया कि शामली, मुजफ्फरनगर, मऊ, बागपत और हापुड़ में विद्यालय स्थापना के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। भूमि उपलब्ध होने पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। प्रमुख सचिव समाज कल्याण के. रवींद्र नायक ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 75 जिलों में 94 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय हैं। इनमें से 20 विद्यालय निर्माणाधीन हैं। चालू वित्त वर्ष में राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय निर्माण के लिए 80 करोड़ रुपये और संचालन के लिए 194.16 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान है।