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यूपी: नए सदस्यों के शपथ लेते ही परिषद में नेता प्रतिपक्ष की हकदार होगी सपा, विधानसभा में अब ये हैं दावेदार

Wed, 12 Jun 2024 09:04 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

UP Legislative Council: विधान परिषद में 13 नवनिर्वाचित सदस्यों के शुक्रवार को शपथ लेते ही सपा परिषद में भी नेता प्रतिपक्ष की हकदार हो जाएगी। अभी यह पद खाली चल रहा है। 
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अखिलेश ने छोड़ा दिया है नेता प्रतिपक्ष का पद - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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विधानसभा परिषद के 13 नवनिर्वाचित सदस्यों के शुक्रवार को शपथ लेते ही सपा उच्च सदन में भी नेता प्रतिपक्ष की हकदार हो जाएगी। इनमें तीन सदस्य सपा के हैं। नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में सपा एमएलसी जासमीन अंसारी, शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली, राजेंद्र चौधरी और लाल बिहारी यादव आगे बताए जा रहे हैं।

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बता दें कि पांच मई तक सपा के विधान परिषद में नौ सदस्य थे, जोकि सदन की कुल संख्या के 10 प्रतिशत से कम थे। नतीजतन, विधान परिषद में सपा को नेता प्रतिपक्ष का पद नहीं दिया गया था। मानक के अनुसार नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए न्यूनतम 10 प्रतिशत सदस्य होने चाहिए।

विधान परिषद में पांच मई को रिक्त हुए 13 पदों के लिए पहले ही मार्च में आयोग ने चुनाव करा लिए थे। इसमें 10 सीटें भाजपा और उनके सहयोगियों को मिलीं। जबकि तीन सदस्य सपा के बनें। इस तरह से उच्च सदन में सपा के सदस्यों की संख्या 12 हो गई है, जोकि नेता प्रतिपक्ष के पद के लिहाज से नए सदस्यों के शपथ लेने के बाद प्रभावी होगी। माना जा रहा है कि सपा विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष का पद किसी मुस्लिम को दे सकती है। उस स्थिति में जासमीन अंसारी और गुड्डू जमाली का नाम आगे चल रहा है। अनुभव के आधार पर राजेंद्र चौधरी और जातीय समीकरणों के आधार पर लाल बिहारी यादव भी दौड़ में शामिल हैं

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अखिलेश ने दिया विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वे कन्नौज से सांसद चुने गए हैं और उससे पहले वर्ष 2022 का विधानसभा चुनाव मैनपुरी की करहल सीट से जीते थे। फैजाबाद (अयोध्या) के नवनिर्वाचित सपा सांसद अवधेश प्रसाद और अम्बेडकरनगर के सांसद लालजी वर्मा ने भी यूपी विधानसभा से अपना इस्तीफा दे दिया है। इन तीनों का इस्तीफा बृहस्पतिवार तक स्वीकृत होने की संभावना है। वर्ष 2022 में अवधेश प्रसाद अयोध्या जिले की मिल्कीपुर से और लालजी वर्मा अम्बेडकरनगर की कटेहरी सीट से विधायक चुने गए थे। नियमतः एक ही सदन के सदस्य रह सकते हैं, इसलिए सपा के इन नेताओं ने लोकसभा का सांसद बने रहने का फैसला किया। अखिलेश का इस्तीफा स्वीकार होते ही विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद भी खाली हो जाएगा। तीनों का इस्तीफा प्राप्त होने की पुष्टि विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे ने की है। यहां बता दें कि नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में अब सपा नेता शिवपाल यादव, रामअचल राजभर, इंद्रजीत सरोज और कमाल अख्तर आगे हैं।
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