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यूपी एडीजी के इस बयान ने पहले ही तय कर दिया था विकास दुबे का हश्र, दिए थे संकेत

Fri, 10 Jul 2020 04:26 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार व विकास दुबे। - फोटो : amar ujala
पांच लाख रुपये का इनामी दुर्दांत अपराधी विकास दुबे पुलिस एनकाउंटर में शुक्रवार सुबह कानपुर में मार दिया गया। एक दिन पहले उसे उज्जैन के महाकाल मंदिर से नाटकीय ढंग से गिरफ्तार किया गया था। वह वीआईपी दर्शन के लिए ढाई सौ रुपये की पर्ची कटवा कर मंदिर पहुंचा था। शुक्रवार सुबह उसे कानपुर लाया गया जहां उसे एनकाउंटर में मार दिया गया।

पिछले हफ्ते दो जुलाई को कानपुर के बिकरू गांव में उसे पकड़ने के लिए गए पुलिसकर्मियों पर उसने और उसके साथियों ने गोलियां चला दी थीं। इसमें आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। दरअसल, पुलिस उसे हत्या के प्रयास में गिरफ्तार करने के लिए गई थी।

हालांकि उसे पहले ही पुलिस की टीम के आने की सूचना मिल गई थी। इसके बाद वो और उसका गैंग पूरी तरह से तैयार थे। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर गोलियों की बौछार कर दी। इसके बाद वो अपने साथियों के साथ मौके से फरार हो गया।

बुधवार को ही लखनऊ में एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने अपने बयान में पहले ही कह दिया था कि हम अपने पुलिसकर्मी सार्थियों की शहादत बेकार नहीं जाने देंगे। ऐसी कार्रवाई करेंगे जो नजीर बनेगी और शुक्रवार को विकास दुबे को मार दिया गया। एक तरह से विकास दुबे का क्या हश्र होने वाला है ये एडीजी के बयान ने ही तय कर दिया था।
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अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
हालांकि, विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद दुबे से जुड़े नेताओं व अफसरों के राज भी दफन हो गए। अब ये कभी पता नहीं चल पाएगा कि किन नेताओं से उसे शह दी थी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दुबे व उसके सहयोगियों का कॉल रिकॉर्ड निकाला जाना चाहिए जिससे कि पता चल सके कि कौन लोग उसके साथ जुड़े हुए थे।
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- फोटो : amar ujala
बता दें कि विकास दुबे के एनकाउंटर पर अखिलेश यादव ने ट्वीट किया था कि दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज खुलने से सरकार पलटने से बचाई गई है। अखिलेश यादव ने सपा सरकार के दौरान विकास दुबे को सजा न देने पर कहा कि 2001 में भाजपा सरकार के दौरान थाने के अंदर घुसकर एक राज्यमंत्री की हत्या कर दी गई थी अगर तब कार्रवाई हो जाती तो आज ये दिन न देखना पड़ता।

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वहीं, बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने विकास दुबे एनकाउंटर पर ट्वीट करते हुए पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच करवाए जाने की मांग की है। उन्होंने ट्वीट किया कि कानपुर पुलिस हत्याकाण्ड की और इसके मुख्य आरोपी दुर्दांत विकास दुबे को मध्यप्रदेश से कानपुर लाते समय आज पुलिस की गाड़ी के पलटने व उसके भागने पर यूपी पुलिस द्वारा उसे मार गिराए जाने आदि के समस्त मामलों की माननीय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।

मायावती ने कहा कि यह उच्चस्तरीय जांच शहीद हुए पुलिसकर्मियों के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए साथ ही पुलिस, अपराध और राजनीति के गठजोड़ की शिनाख्त कर आरोपियों को सजा दिलाए जाने के लिए भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे कदमों से ही यूपी अपराध-मुक्त हो सकता है।
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा। - फोटो : amar ujala
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी वीडियो ट्वीट कर कहा कि पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में जांच करवाई जानी चाहिए जिससे कि सच सामने आ सके।
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