उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में अब तक 1647 ट्रेनों से 22.40 लाख से अधिक कामगार श्रमिकों को लाए जाने की व्यवस्था की गई है।
इनमें से अब तक 1587 ट्रेनों से 21.48 लाख से अधिक लोगों को प्रदेश में लाया जा चुका है। 60 ट्रेनों की और सहमति दी गई है। ट्रेन एवं बसों से अब तक 25.03 लाख से अधिक लोगों को उनके गृह जिले में पहुंचाया जा चुका है।
गोरखपुर में 264 ट्रेनों से 3,39,862 कामगार आए हैं। लखनऊ में 112 ट्रेनों से 1,45,315 लोग आए हैं। गुजरात से सर्वाधिक 530 ट्रेनों से 7,76,489 लोग आए हैं।
महाराष्ट्र से 427 ट्रेनों से 5,78,749 लोग, पंजाब से 233 ट्रेनों से 2,74,147 श्रमिक प्रदेश में आ चुके हैं। प्रदेश से 89 ट्रेनों के माध्यम से विभिन्न जिलों में कामगारों को पहुंचाया गया है।
23 लाख से अधिक श्रमिकों को डेटा बेस तैयार
अवस्थी ने बताया कि कामगारों व श्रमिकों का पूरा डेटाबेस राजस्व विभाग की ओर से तैयार किया जा रहा है। अब तक 23-24 लाख लोगों का डेटाबेस तैयार कर लिया गया है।
प्रदेश में आए लगभग 30 लाख लोगों के स्वरोजगार, पुनर्वास एवं स्किलिंग की व्यवस्था राजस्व विभाग द्वारा तैयार किये जा रहे डेटाबेस के आधार पर की जाएगी। शीघ्र ही कामगार/श्रमिक (सेवायोजन एवं रोजगार) कल्याण आयोग का गठन कर लिया जाएगा।