वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना
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वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि इस साल अप्रैल में पिछले अप्रैल के मुकाबले 1657.61 करोड़ रुपये अधिक राजस्व मिला है। वित्त वर्ष 2022-23 के अप्रैल में 12,854.10 करोड़ का राजस्व मिला जबकि 2021-22 के अप्रैल में 11,196.49 करोड़। आबकारी के अंतर्गत आने वाले टैक्स में जहां कमी हुई, वहीं स्टांप एवं निबंधन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
वित्त मंत्री ने शनिवार को बताया कि जीएसटी के अंतर्गत अप्रैल 2022 में कुल 5894.56 करोड़ की राजस्व प्राप्ति हुई। वहीं, गत वर्ष अप्रैल में प्राप्ति 5157.11 करोड़ थी। वैट के अंतर्गत अप्रैल में 956.63 करोड़ राजस्व आया जबकि गत वर्ष इसी माह में 826.53 करोड़ की आय हुई। आबकारी के अंतर्गत अप्रैल-2022 में 3153.32 करोड़ की राजस्व प्राप्ति हुई जबकि गत वर्ष अप्रैल में यह प्राप्ति 3240.77 करोड़ थी।
खन्ना ने बताया कि स्टांप तथा निबंधन के अंतर्गत अप्रैल की राजस्व प्राप्ति 1911.23 करोड़ है। पिछले साल इसी माह में यह प्राप्ति 1218.39 करोड़ थी। परिवहन के अंतर्गत अप्रैल में 734.89 करोड़ मिले जबकि गत वर्ष 553.95 करोड़ मिले थे। भू-तत्व तथा खनिकर्म के अंतर्गत अप्रैल-2022 में प्राप्ति 203.47 करोड़ है, वहीं गत वर्ष अप्रैल में प्राप्ति 199.74 करोड़ रुपये थी।
पेट्रोल-डीजल पर राज्य कर यूपी में कांग्रेस शासित राज्यों से कम
वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश में डीजल एवं पेट्रोल पर लागू राज्य कर कांग्रेस शासित राज्यों के साथ ही देश के अन्य बड़े राज्यों की तुलना में कम है। 6 मई को यूपी में डीजल पर लगने वाला राज्य कर 13.79 रुपये प्रति लीटर था और उपभोक्ताओं को डीजल 96.81 रुपये प्रति लीटर मिला। जबकि अन्य राज्यों में राज्यकर 15 रुपये से ऊपर ही है। खन्ना ने बताया कि इसी तरह से 6 मई को यूपी में पेट्रोल पर लागू राज्य कर 16.49 रुपये प्रति लीटर के साथ उपभोक्ता मूल्य 105.23 रुपये प्रति लीटर है। जबकि, अन्य राज्यों में पेट्रोल पर लगने वाला राज्य कर और उपभोक्ता मूल्य ज्यादा है।
जीएसटी और वैट में इजाफा
अप्रैल-2022 में लक्ष्य के सापेक्ष जीएसटी और वैट की वसूली से ज्यादा आय हुई है। लक्ष्य के सापेक्ष यह क्रमश: 102.9 प्रतिशत और 105 प्रतिशत है। इसे जीएसटी में ज्यादा पंजीकरण का नतीजा माना जा रहा है। वहीं आबकारी से लक्ष्य के सापेक्ष 71.5 प्रतिशत ही आय हुई। स्टांप एवं निबंधन में लक्ष्य के सापेक्ष प्राप्ति 93.5 प्रतिशत, परिवहन में 86.6 प्रतिशत, भूतत्व एवं खनिकर्म में 55.7 प्रतिशत हुई।