प्रदेश सरकार मेडिकल डिवाइस पार्क में निवेशकों के लिए भारी सब्सिडी के प्रस्ताव लाने जा रही है। उन्हें निवेश करने पर प्लांट और मशीनरी पर लिए गए ऋण पर 7.5 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी दी जाएगी। एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति और 1235 रुपये प्रति वर्ग मीटर प्रति वर्ष की लीज दर पर जमीन दिए जाने के आकर्षक प्रावधान भी होंगे।
औद्योगिक विकास विभाग ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसे जल्द ही कैबिनेट में रखे जाने की योजना है। भारत सरकार ने यमुना एक्सप्रेसवे पर मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित करने के लिए हाल ही स्वीकृति दी है। प्रदेश में पहले से फार्मास्युटिकल नीति है, लेकिन भारत सरकार को किए गए वादों के तहत इसमें कुछ और सुधार किए जाने की आवश्यकता है। इसी के तहत संशोधन प्रस्ताव लाया जा रहा है।
संशोधन प्रस्तावों के अनुसार प्लांट और मशीनरी स्थापित करने के लिए ऋण लेने पर 7.5 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी (प्रति वर्ष अधिकतम दो करोड़ रुपये) दी जाएगी। यह सुविधा एमएसएमई और गैर एमएसएमई के सभी इकाइयों को 10 वर्ष तक मिलेगी। व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने के 10 वर्षों तक एसजीएसटी के 70 प्रतिशत हिस्से की प्रतिपूर्ति की जाएगी। इसके अलावा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेटेंट आवेदन, प्रमाणीकरण, एयर कार्गो व मालभाड़ा सब्सिडी और स्किल डेवलपमेंट के लिए भी सरकार आर्थिक सहायता देगी। पांच साल तक 1235 रुपये प्रति वर्ग मीटर प्रति वर्ष की लीज दर पर जमीन दी जाएगी। पांच साल के बाद यह दर 1698.12 रुपये प्रति वर्ग मीटर प्रति वर्ष होगी।