उत्तर प्रदेश के निर्यात में 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कोरोना संकट काल में यह वृद्धि बेहतर सुशासन व प्रबंधन का नतीजा मानी जा रही है। भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक यूपी से भारी मात्रा में लेदर, खनिज तेल, लोहा, स्टील, सीमेंट, एंजाइम और सब्जी उत्पाद आदि विदेश भेजे गए।
भारत सरकार ने अप्रैल 2020 से जनवरी 2021 और अप्रैल 2021 से जनवरी 2022 की अवधि में हुए निर्यात के तुलनात्मक आंकड़े जारी कर दिए हैं। ये आंकड़े राज्यवार और उत्पादवार हैं। यूपी का निर्यात उक्त अवधि में 95,980.63 करोड़ से बढ़कर 1,25,903.76 करोड़ रुपये हो गया। जारी आंकड़ों के अनुसार कॉटन के निर्यात में 87 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विभिन्न तरह के फैब्रिक के निर्यात में 81-90 प्रतिशत, कृत्रिम फूल के निर्यात में 64 प्रतिशत और ग्लासवेयर के निर्यात में 38 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। लोहा व स्टील उत्पादों के निर्यात में तो 114 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
इसी तरह से टिन व संबंधित उत्पादों के निर्यात में 127 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सीमेंट के निर्यात में 90 प्रतिशत, आधार धातु के निर्यात में 72, न्यूक्लियर रिएक्टर बायलर मशीनरी के निर्यात में 55, लोकोमोटिव में 1016, रोड व्हीकल में 70, घड़ियों के निर्यात में 62, फर्नीचर में 85 और टॉयज व स्पोर्ट्स गुड्स के निर्यात में 62 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
इसी तरह पशुओं के निर्यात में 2902 प्रतिशत, मछली निर्यात में 116, मिलिंग इंडस्ट्री में 122, कोकोआ में 381, एंजाइम में 672, खनिज तेल में 88 और रबर के निर्यात में 69 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पेपर व पेपर बोर्ड के निर्यात में भी 70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। सिल्क का निर्यात भी 56 प्रतिशत बढ़ा है।
इन प्रमुख उत्पादों के निर्यात में जबर्दस्त वृद्धि
मछली, मिलिंग उद्योग, सब्जी उत्पाद, फल व अखरोट, वसा, कोकोआ, साल्ट-सल्फर, खनिज तेल, रसायन, एंजाइम, फोटोग्राफिक उत्पाद, रबर, लेदर, फर, लकड़ी व उसके उत्पाद, कॉर्क, प्लेटिंग सामग्री, पेपर व पेपर बोर्ड, सिल्क, कॉटन, यार्न, फैब्रिक, कृत्रिम फूल, सीमेंट, पत्थर व प्लास्टर उत्पाद, लोहा व स्टील, निकेल, लेड, टिन, बेस मेटल, लोकोमोटिव व ट्रक, रोड व्हीकल व संबंधित पार्ट्स, घड़ियां, फर्नीचर और टॉयज व स्पोर्ट्स सामग्री।