फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: प्रदेश के 27 पीसीएस अफसर बनेंगे आईएएस, प्रदेश के होमगार्ड विभाग को केंद्र का 236 करोड़ का तोहफा

Tue, 01 Apr 2025 09:55 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

27 PCS officers will become IAS: प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक से अधिक खुशखबरियां आईं हैं। यूपी के 27 पीसीएस अफसर आईएएस बनने जा रहे हैं। इधर होमगार्ड विभाग को केंद्र से 236 करोड़ प्राप्त हुए हैं। 
 
विज्ञापन
अधिकारियों को प्रमोशन देने की तैयारी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी के वर्ष 2008 व 2010 बैच के पीसीएस अधिकारियों को आईएएस संवर्ग में प्रमोशन देने के लिए दिल्ली में विभागीय प्रोन्नति कमेटी (डीपीसी) की बैठक हुई। इसमें संघ लोक सेवा आयोग और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के अलावा प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल, प्रमुख सचिव नियुक्ति एम देवराज और विशेष सचिव नियुक्ति विजय कुमार भी शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश के 27 पीसीएस अफसरों का आईएएस संवर्ग में प्रमोशन होगा, क्योंकि पदोन्नति के लिए यूपी में कुल 27 पद ही रिक्त हैं। वर्ष 2008 बैच के सभी पीसीएस अधिकारियों और 2010 के कुछ पीसीएस अधिकारियों को प्रमोशन मिलना तय माना जा रहा है, बशर्ते उनके खिलाफ किसी जांच के आधार पर पदोन्नति की प्रक्रिया न रोकी गई हो। इस संबंध में अगले दो-तीन दिन में स्थिति स्पष्ट होगी।

विज्ञापन


केंद्र सरकार ने होमगार्ड विभाग को दिए 236 करोड़ रुपये
 केंद्र सरकार ने होमगार्ड विभाग को 236.31 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की है। होमगार्ड स्वयंसेवकों के ड्यूटी भत्ता, प्रशिक्षण, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन, वर्दी इत्यादि पर कुल व्यय का 25 फीसदी तथा लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों के दौरान होमगार्ड स्वयंसेवकों का ड्यूटी भत्ता, पेट्रोल, यात्रा व्यय आदि पर हुए व्यय की 50 फीसदी की प्रतिपूर्ति की यह राशि दस वर्ष (2011 से 2021) से लंबित थी। डीजी होमगार्ड बीके मौर्या ने बताया कि विभाग द्वारा प्रतिपूर्ति के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे।

नौ को लखनऊ में जुटेंगे प्रदेशभर के बिजली कर्मी
 विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से बिजली के निजीकरण का विरोध निरंतर जारी है। मंगलवार को विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान नौ अप्रैल को लखनऊ में होने वाली रैली में प्रदेशभर के बिजली कर्मी जुटेंगे। मंगलवार को शक्ति भवन सहित विभिन्न कार्यालयों के समक्ष हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने निजीकरण प्रस्ताव पर सवाल उठाया उन्होंने कहा कि यदि बिजली व्यवस्था में सुधार हो रहा है तो फिर निजीकरण की जरूरत क्या है? उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में एटी एंड सी हानियां 40 फीसदी, जो अब 31 मार्च 2024 तक घटकर 16.5 फीसदी हो गई हैं। जबकि राष्ट्रीय मानक में 15 फीसदी लाइन हानियां हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें