जीएसटी एवं वैट में वर्ष 2017-18 में जहां 58 हजार करोड़ रुपये का संगह हुआ तो वर्ष 2021-22 में लगभग एक लाख करोड़ का संग्रह हुआ है। सीएम ने कहा कि इस राशि को लोककल्याण कार्यक्रमों में खर्च किया जाए। मंत्रिपरिषद के सामने राजस्व संग्रह सेक्टर के विभागों की कार्ययोजना के प्रस्तुतिकरण पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिशा निर्देश जारी किए। प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि वर्ष 2012-17 के सापेक्ष वर्ष 2017-22 में 250 प्रतिशत की वृद्धि के साथ करीब 14 हजार करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है।
सीएम ने कहा कि जीएसटी और वैट की चोरी को बंद करने के लिए अभी और कार्य किए जाने की जरूरत है। आबकारी विभाग में सिंडिकेट राज खत्म किया गया। सीएम ने निर्देश दिए कि स्टांप एवं पंजीयन विभाग को राजस्व संग्रह बढ़ाने पर फोकस करना होगा। निबंधक कार्यालयों में दलालों को पूरी तरह समाप्त करें। परिवहन विभाग में व्यापक परिवर्तन की जरूरत है। पीपीपी मोड पर अच्छे बस स्टेशन बनाने की दिशा में प्रयास किया जाए।
बसों की डग्गामारी को पूरी तरह बंद कराया जाए। मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघरों के पुनर्निर्माण को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। जीएसटी मामलों के निस्तारण को 100 दिनों के भीतर ओटीएस योजना लागू की जाए। ऑडिट प्रक्रिया को सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जीएसटी ट्रिब्यूनल की स्थापना के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें।
उपनिबंधक कार्यालय में फ्रंट ऑफिस का संचालन, पंजीकरण टोकन डिस्प्ले सिस्टम लागू करें। सीसीटीवी एवं राज्य स्तर पर कमांड सेन्टर की स्थापना की जानी चाहिए। छोटे मूल्य के ई स्टांप उचित दर विक्रेता के माध्यम से उपलब्ध कराएं। स्टांप वादों में ब्याज माफी को नई समाधान योजना लाई जाए। एक वर्ष तक के आवासीय किरायेदारी विलेखों पर देय स्टांप शुल्क को तर्कसंगत बनाया जाए। आबकारी विभाग द्वारा राज्य को उपभोग राज्य की श्रेणी से ऊपर उठाकर उत्पादक राज्य का दर्जा दिलाने के लिए नियोजित ढंग से प्रयास किया जाए।
हर गांव को बस सेवा से जोड़ें
सीएम ने कहा कि पांच साल में 26 हजार से अधिक गांवों को परिवहन निगम की बस सेवा से जोड़ा गया है। अब प्रयास करें कि हर वह गांव जहां बस सेवा संभव हो सके, को बस सेवा से जोड़ा जाए। दो हजार नई अनुबंधित, पांच हजार नई बसों को बेड़े में शामिल करें। सभी विद्यालयों में रोड सेफ्टी क्लब का गठन किया जाए। छह माह में बस बॉडी रिपेयर, बस स्टेशन का कायाकल्प किया जाए और चालक परिचालक को वर्दी दी जाए। लक्ष्य रखें कि दो वर्षों में प्रदेश में पंजीकृत वाहनों को किसी भी जनपद में फिटनेस की सुविधा दी जा सके। महिला सुरक्षा के लिए बसों में पैनिक बटन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अंतर जनपदीय फिक्स्ड टाइम एसी बस सेवाएं संचालित की जाएं। साथ ही निगम की बसों द्वारा पार्सल या कुरियर सेवा देना शुरू किया जाए।
नए खनन क्षेत्रों का सर्वे करो
कहा गया कि छह माह में प्रदेश के बुंदेलखंड और पूर्वांचल के प्रमुख नदियों की तकनीकी संस्था से मिनिरल मैपिंग कराकर नए खनन क्षेत्रों को जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट में शामिल करें। दो साल में प्रदेश के शेष जनपदों की मिनरल मैपिंग करें और उपखनिजों के खनन क्षेत्र की संख्या में दोगुनी वृद्धि करें।
अवैध खनन और परिवहन की शिकायतें दर्ज कराने के लिए निदेशालय स्तर पर कॉल सेंटर स्थापित करें। प्रदेश के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों में खनन अभियंत्रण का स्नातक कोर्स शुरू करने के लिए प्राविधिक शिक्षा विभाग से समन्वय स्थापित किया जाना चाहिए। रेल के माध्यम से उपखनिजों के परिवहन को प्रोत्साहित करने के लिए रेलवे आपूर्तिकर्ता और कार्यदायी संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करें।
गाजियाबाद की घटना पर जवाबदेही तय करें
सीएम ने कहा कि गाजियाबाद में हुई स्कूल बस दुर्घटना दुखद है। प्रकरण में दोषियों के साथ.साथ संबंधित परिवहन अधिकारी की जवाबदेही भी तय की जाए। स्कूल बसों की फिटनेस की जांच के लिए एक सप्ताह का व्यापक अभियान चलाया जाए। मानक के हर पहलू पर परीक्षण किया जाए। विदित हो कि गाजियाबाद में स्कूली बस में सवार एक छात्र की मौत हो गई है। बताया गया कि छात्र ने सिर खिड़की से बाहर निकाला और उसका सिर एक खंभे में टकरा गया।