लखनऊ में यूपी-112 की टेलीकॉलर की मौत झील में डूबने से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। टेलीकॉलर सीसीटीवी में अकेले जाते दिखी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
राजधानी लखनऊ में यूपी-112 में कार्यरत टेलीकॉलर प्रियंका की मौत डूबने से हुई थी। इसकी पुष्टि सोमवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई। परिजन शव लेकर सीतापुर गांव चले गए। परिजनों ने खुलकर कोई आरोप नहीं लगाया है। पुलिस प्रियंका के परिचित प्रियांशु और एक युवक से पूछताछ कर रही है। पर दोनों से अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है।
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एसीपी विभूतिखंड राधारमण सिंह ने बताया कि फुटेज में प्रियंका अकेले ही कठौता झील की तरफ जाती हुई नजर आई थीं। अभी तक की जांच में ऐसा लग रहा है कि प्रियंका ने झील में कूदकर जान दी है। पर आत्महत्या की वजह पता नहीं चल सकी है। एसीपी ने बताया कि प्रियंका के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकाली गई है। पुलिस के सूत्र बताते हैं कि प्रियंका ने प्रेम-प्रसंग के चलते खुदकुशी की है, पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
भाई ने की गहन जांच की मांग
सीतापुर के संदना करसेहड़ा गांव निवासी प्रियंका डेढ़ साल से यूपी-112 में बतौर टेलीकॉलर काम कर रही थीं। वह चिनहट की गंगा विहार कॉलोनी में किराये के मकान में रह रही थीं। परिवार में पिता किसान जयपाल, मां सुशीला देवी और दो भाई विवेक व रचित हैं। रचित ने चिनहट पुलिस से गहन जांच की मांग की है।