विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर उनके भाई पर रेप का आरोप लगाने वाली किशोरी ने बुधवार को भी विधायक की नामजदगी और गिरफ्तारी की मांग दोहराई। समाजवादी महिला सभा के प्रतिनिधिमंडल से होटल में मुलाकात से पहले मीडिया से सामना होने पर किशोरी ने सवालिया लहजे में कहा कि विधायक की गिरफ्तारी अभी तक क्यों नहीं हुई है। सुबकते हुए कहा, विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके जल्द गिरफ्तारी की जाए। ऐसा नहीं हुआ तो दिल्ली में जंतर मंतर पर धरना देंगे।
पत्नी ने किशोरी और विधायक का नार्को टेस्ट करवाने की मांग की
आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी संगीता सिंह सेंगर बुधवार को डीजीपी मुख्यालय पहुंची। डीजीपी से मिलकर उन्होंने पति को बेगुनाह बताया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच करा ली जाए। संगीता ने डीजीपी से किशोरी और विधायक का नार्को टेस्ट कराने की भी मांग की हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके। डीजीपी ने उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।
डीजीपी से मिलने के बाद संगीता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आपसी विवाद के चलते उनके पति को फर्जी तरीके से फंसाया जा रहा है। किशोरी के सारे आरोप मनगढ़ंत हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। कहा कि सच्चाई को सामने लाने के लिए उन्होंने डीजीपी से भी अनुरोध किया है कि आरोप लगाने वाली युवती के साथ ही उनके पति का नार्को टेस्ट करा लिया जाए। संगीता सेंगर ने कहा कि पीड़िता और उसके चाचा ने पहले भी गांव के ही एक लड़के पर रेप का आरोप लगाया था। लड़की के चाचा का भी नार्को टेस्ट कराना चाहिए।
विधायक की पत्नी के साथ विधायक की बहन रत्ना सिंह, भांजा प्रखर सिंह व दूसरे आरोपी शुभम के पिता हरपाल सिंह और मां शशि सिंह के अलावा साथ में बलरामपुर के विधायक शैलेश सिंह शैलू भी डीजीपी से मिले।
संगीता सेंगर ने कहा पिता पर फर्जी तरीके से इतने घिनौने आरोप लगाए जाने की वजह से उनकी दोनों बेटियां और पूरा परिवार सदमे में हैं। पूरा परिवार मानसिक प्रताड़ना का शिकार हो गया है। उन्होंने कहा कि किशोरी द्वारा लगाए गए आरोप के पक्ष में अभी तक एक भी सुबूत पेश नहीं किया गया है। इसके बावजूद मेरे पति को रेपिस्ट कहकर बदनाम किया जा रहा है। हमारे परिवार का मानसिक शोषण किया जा रहा है।
पीड़िता के चाचा के दिमाग का है खेल : शशि
इस मामले में दूसरे आरोपी शुभम की मां शशि सिंह का कहना था कि उनके बेटे को भी झूठा आरोप लगाकर फंसाया जा रहा है। पीड़िता को विधायक से मिलवाने के आरोप को खारिज करते हुए शशि ने कहा कि सरकार चाहे तो पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच करा ले। शशि ने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में पीड़िता के चाचा का दिमाग है। वह इतना शातिर है कि विधायक व उसके बेटे को फंसाने की नीयत से पीड़िता की फर्जी मार्क्सशीट बनवाकर उसकी उम्र 22 साल से घटाकर 15 साल करवा दिया है।