भाजपा विधायाक कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर
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भाजपा के आरोपी विधायाक कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर ने अपने पति और दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती के नार्को टेस्ट कराने की मांग उठाई है। उन्होंने अपने पति को निर्दोष बताते हुए कहा है कि अगर मेरे पति दोषी साबित होते हैं तो पूरा परिवार अपना जीवन त्याग देगा। जिस तरह से सुबूत छिपाकर मेरे पति को फंसाया जा रहा है, वह सही नहीं है।
बुधवार सुबह यूपी के डीजीपी ओपी सिंह से संगीता ने अपने पति के लिए इंसाफ की गुहार लगाई। उन्होंने डीजीपी से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। डीजीपी ने उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। मीडिया से मुखातिब होकर विधायक की पत्नी ने कहा कि मैं यहां सिर्फ अपने पति के लिए न्याय मांगने आई हूं। उन्होंने कहा कि रंजिश के तहत मेरे पति को फंसाया जा रहा है। इसके पीछे राजनीति द्वेष भी एक कारण है।
संगीता ने आरोप लगाया कि जब से ये मामला उठा है तब से मेरे बेटियों को परेशान किया जा रहा है। अभी तक कोई सुबूत भी नीं पेश किया गया, उसके बावजूद मेरे पति को बलात्कारी कहा जा रहा है।
वहीं, दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती के घर बुधवार सुबह एडीजी राजीव कृष्णा, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के साथ जांच करने पहुंचे हैं।
डीआईजी कानून व्यवस्था प्रवीण कुमार ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उस मैसेज को लेकर भी सफाई दी, जिसमें मौत से पहले पीड़िता के पिता के अंगूठे के निशान लिए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि अस्पताल में इलाज के दौरान बाएं अंगूठे का निशान लिया जाता है। यह वीडियो उसी समय का है।
न्यायिक अभिरक्षा में मौत के मामले में जेल विभाग ने भी अपनी जांच शुरू कर दी गई है। जेल विभाग के डीआईजी लव कुमार मंगलवार को उन्नाव जेल पहुंचे और उन्होंने वहां के जेलर के साथ साथ जेल चिकित्सालय के डाक्टरों और बंदी रक्षकों से भी बात की है।
आईजी जेल पीके मिश्रा ने बताया कि न्यायिक अभिरक्षा में मौत के हर मामले की जांच जेल विभाग अपने स्तर से भी कराता है। उन्नाव के मामले में मृतक के परिजनों की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है।