कानपुर हाईवे पर बुधवार को फिर पहुंचे सीबीआई के अफसरों ने क्रेन से क्षतिग्रस्त कार और ट्रक को कई बार उठाकर हादसे से जुड़े सबूत खंगाले। अब तक जिन चश्मदीदों के बयान दर्ज किए गए, उन्हें बुलाकर उनके बयान की तस्दीक की गई। जानने का प्रयास किया गया कि उन्होंने घटना के बारे में जो कहा है, वह सही है कि नहीं।
इस पर चश्मदीदों ने बताया कि बारिश हो रही थी। ट्रक की रफ्तार तेज थी। देखते ही देखते हादसा हो गया। यही नहीं सीबीआई की टीम ने अटौरा चौकी इंचार्ज से भी पूछताछ की। मौके पर पहुंचे डीएम व एसपी से भी पूछताछ की गई। टीम ने जानने का प्रयास किया कि यह मामला हादसा था या फिर साजिश। इस दौरान पत्रकारों और छायाकारों को वहां से हटा दिया गया।
दिल्ली से सीबीआई के असिस्टेंट डायरेक्टर की अगुवाई में सात सदस्यीय टीम कानपुर हाईवे पर सुल्तानपुरखेड़ा गांव मोड़ स्थित घटनास्थल पर पहुंची। असिस्टेंट डायरेक्टर ने अपनी मौजूदगी में क्रेन मंगवाई। क्रेन से क्षतिग्रस्त ट्रक और कार को उठा-उठाकर यह जानने का प्रयास किया गया कि जानबूझ कर टक्कर मारी गई थी या फिर अपने आप दोनों वाहनों में भिड़ंत हुई।
अब तक सीबीआई की ओर से की गई जांच की तस्दीक करने के लिए चश्मदीदों को भी मौके पर बुलाया गया। उनके बयान की तस्दीक की गई। अटौरा चौकी इंचार्ज कमलेश बहादुर सिंह से भी करीब एक घंटे तक पूछताछ की। सीबीआई के अफसरों ने पूछा कि घटना होने के बाद पुलिस कब पहुंची।
कौन-कौन पुलिस कर्मी घटनास्थल पर मौजूद थे। घटना के कितनी देर बाद चालक-क्लीनर को पकड़ा गया। सीबीआई के असिस्टेंट डायरेक्टर के यहां पहुंचने की जानकारी पर डीएम नेहा शर्मा और एसपी सुनील कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे। सीबीआई ने दोनों अधिकारियों से भी पूछताछ की।
ट्रक चालक और क्लीनर की रिमांड पर बढ़ी
उन्नाव कांड में पकड़े गए चालक और क्लीनर की रिमांड बढ़ गई है। सीबीआई ने तीन दिन के लिए ट्रक चालक आशीष पाल और क्लीनर मोहन श्रीवास को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की थी। मंगलवार अपराह्न करीब तीन बजे तक ही ट्रक चालक और क्लीनर की रिमांड थी।
उन्हें रिमांड के बाद जिला कारागार लाया जाना था। इस बाबत जेलर ज्ञान प्रकाश का कहना है कि रिमांड समाप्त होने पर चालक-क्लीनर को जिला कारागार आना था, लेकिन वह दोनों नहीं आए। पता करने पर बताया गया कि ट्रक चालक और क्लीनर की रिमांड बढ़ गई है।