रायबरेली में हुए सड़क हादसे में घायल उन्नाव कांड पीड़िता की मौसी का शव लंबे इंतजार के बाद गुरुवार को बाराबंकी में सुबेहा थाना के सिधियावां गांव पहुंचा। पीड़िता की मौसी का शव लखनऊ के पोस्टमार्टम हाउस में रखा हुआ था। मालूम हो बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र के सिधियावां गांव की निवासी धर्मशीला उन्नाव कांड पीड़िता की रिश्ते में मौसी थी और हादसे के बाद लखनऊ में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया था।
पीड़िता की मौसी का शव आने पर अराजक तत्वों की ओर से हंगामे की जानकारी पर गांव में भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था। पीड़िता की मौसी का शव आने पर गांव में आईजी अयोध्या रेंज और पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर खुद मौके पर पहुंचे और कड़ी सुरक्षा के बीच पीड़िता की मौसी का अंतिम संस्कार कराया।
वहीं मृतका की लड़की ने आरोप लगाया कि उसकी मां की मौत हादसे में नहीं हुई है। बल्कि विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने यह एक्सीडेंट करवाया है। लड़की ने बताया कि उसकी मां उन्नाव कांड पीड़िता के साथ रहकर केस की पैरवी कर रही थी। ये सारा किया-कराया विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का है।
लड़की ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि उसके भाई को नौकरी दी जाए ताकि हम लोग अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें। अब हम लोगों में इस केस लड़ने की हिम्मत नहीं बची है।