आखिर माना विवि प्रशासन, अस्थायी छात्रावास का आवंटन
लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विवि में छात्रावास आवंटन के लिए दिव्यांग छात्रों ने सोमवार को धरना-प्रदर्शन किया। चार घंटे से अधिक चले विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के दबाव में एक दर्जन विद्यार्थियों को अस्थायी रूप से छात्रावास आवंटन कर दिया। हालांकि छात्राओं को अब भी यह सुविधा नहीं मिली है। वहां अभी न तो मेस है और न ही विद्युत आपूर्ति हो रही है।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार दर्जनों दिव्यांग छात्र विवि के प्रशासनिक भवन पहुंचे और विरोध में नारेबाजी करने लगे। ये छात्र, कुलपति प्रो. राणा कृष्णपाल सिंह से मिलना चाहते थे लेकिन न तो कुलपति और न ही रजिस्ट्रार कार्यालय में थे। एक घंटे बाद कुलपति कार्यालय आए लेकिन उन्होंने धरना दे रहे छात्रों से मुलाकात नहीं की। धरना दे रहे छात्रों को प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने आश्वासन दिया कि उन्हें वीसी से मुलाकात करवाई जाएगी लेकिन शाम तक कुलपति उनसे नहीं मिले।
इस दौरान प्रॉक्टर प्रो. विनोद सिंह ने पहले विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन करने को कहा किंतु फॉर्म नहीं भरा जा सका। काफी देर बाद छात्र जब अड़े रहे तो उन्हें वार्डेन विजय शंकर शर्मा को बुलाकर छात्रावास में अस्थायी रूप से रहने की अनुमति दी। छात्रों को यह बता दिया गया कि अभी विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था नहीं शुरू हुई है और न ही मेस की। जल्द ही इसे ठीक करवाकर नियमित आवंटन किया जाएगा।
बिना विद्युत आपूर्ति के ही छात्रावास आवंटन
विश्वविद्यालय प्रशासन ने दिव्यांग छात्रों को छात्रावास तो अस्थायी रूप से आवंटित कर दिया लेकिन अभी वहां विद्युत आपूर्ति नहीं शुरू हुई है। छात्रों ने बताया कि छात्रावास में पानी तो आ रहा है लेकिन अभी तक विद्युत आपूर्ति नहीं सुनिश्चित हुई। वहीं विद्युत आपूर्ति न होने से उन्हें कुछ अन्य समस्याओं से भी दो-चार होना पड़ेगा। हालांकि विवि प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि जल्द विद्युत आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
कुलपति ने आज बुलाई बैठक
छात्रावास की समस्याओं व छात्रों की मांगों पर विचार करने के लिए कुलपति प्रो. विनोद सिंह ने मंगलवार को इससे जुड़ी एक बैठक बुलाई है। जिसमें विश्वविद्यालय अधिकारियों के साथ वे समस्या के समाधान पर चर्चा करेंगे। इसमें प्रमुख मुद्दा छात्रावास की शुल्क वृद्धि का होगा।