उन्होंने कहा कि यह आयोजन उद्यमशीलता को बढ़ावा देने की पहल है। इसे और आगे ले जाने की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री ने महिलाओं के लिए चलाई जा रहीं कई सरकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यम तेजी से बढ़ रहे हैं। सात वर्षों में श्रमिकों की संख्या में महिलाओं का प्रतिशत 41.7 प्रतिशत तक हो गया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं जब आर्थिक रूप से सफल और सक्षम होती हैं तो उनका मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास भी बेहतर होता है।
उन्होंने बताया कि विभाग ने आयुष्मान प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू की थी, जिसमें सर्वप्रथम गरीब तबके के 55 करोड़ लोगों को जोड़ा गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्तााओं और बुजुर्गों को भी जोड़ा गया। कहा कि सबसे अच्छी बात यह है कि अब तक जितने भी गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं, उनमें 50 प्रतिशत महिलाओं के हैं। केंद्रीय मंत्री ने महिलाओं से कहा कि वित्तीय समझ एक दिन में विकसित नहीं हो सकती। जब आपके पास वित्त होता है तो उसका उचित प्रबंधन भी बेहद जरूरी है, इसीलिए इस तरह के आयोजन बहुत आवश्यक हैं, जहां आपको अपने धन के प्रबंधन की उचित सलाह मिलती है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली सात प्रमुख महिलाओं को सम्मानित भी किया।