लखनऊ। घरेलू सिलेंडरों से अवैध रीफिलिंग के धंधे में मासूमों की जिंदगी दांव पर लगा रहे धंधेबाजों की धरपकड़ के लिए मंगलवार को अभियान चला। आपूर्ति व बाट-माप विभाग की टीम ने एडीएम आपूर्ति आरडी पांडेय के निर्देश पर हजरतगंज के रामतीरथ मार्ग पर गुमटी में चल रहे अवैध रीफिलिंग के खेल को पकड़ा। वन विभाग मुख्यालय से सटी बाउड्रीवॉल में गुमटी के अंदर अवैध रीफिलिंग कर रहा धंधेबाज टीम को देख भाग निकला। मौके से टीम ने 8 छोटे पांच किग्रा, दो घरेलू 14.2 किग्रा के सिलेंडर, तीन रिफलर और एलपीजी चोरी करने में प्रयुक्त किए जा रहे उपकरण जब्त किए। आरोपी कुशल के खिलाफ आवश्यक वस्तु वितरण अधिनियम की धारा 3/7 के तहत पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है।
वहीं चिनहट के देवा रोड पहुंची आपूर्ति व बाट-माप विभाग की टीम दुकान पर पड़ा ताला देख खाली हाथ लौट आई। कार्रवाई टीम में शामिल एआरओ गोमती नगर ने बताया कि क्षेत्र में सीएम का कार्यक्रम प्रस्तावित होने के कारण पुलिस द्वारा क्षेत्रीय दुकानों को सुबह से ही बंद करा दिए जाने के कारण चिह्नित दुकान पर कार्रवाई नहीं हो पाई।
मालूम हो कि अमर उजाला ने मंगलवार को अवैध रीफिलिंग के खेल का खुलासा किया था। चिनहट के देवा रोड पर गैस चूल्हा मरम्मत के नाम पर चल रही दुकान में दुकानदार के दो मासूम बच्चे जान जोखिम में डाल घरेलू सिलेंडर से एलपीजी की चोरी को अंजाम दे रहे थे। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई का निर्देश कार्यवाहक जिला पूर्ति अधिकारी को दिया। इसके बाद आपूर्ति निरीक्षक मुन्नी भट्ट की अगुवाई में एक टीम सुबह साढ़े 11 बजे देवारोड पर धरपकड़ कार्रवाई को पहुंची। टीम के पहुंचने से पहले ही सीएम योगी के प्रस्तावित कार्यक्रम के कारण क्षेत्रीय पुलिस द्वारा सड़क किनारे चल रही दुकानों को बंद करा दिया गया था। टीम को दुकान पर ताला पड़ा देख बिना कार्रवाई के लौटना पड़ा। एआरओ गोमती नगर ने बताया कि बुधवार को पुन: इलाके में अभियान चलाया जाएगा।
अधूरी जांच की ढाल से बचा रहीं तेल कंपनियां
अवैध रीफिलिंग की धरपकड़ को आपूर्ति व बाट-माप विभाग के स्तर पर होने वाली कार्रवाई के दौरान धंधेबाजों को बिना परेशानी आसानी से भरे हुए घरेलू सिलेंडर उपलब्ध कराने में चिह्नित दागी एजेंसी डीलरों को बचाने में सप्लाई से जुड़ी तेल कंपनियां भी अहम भूमिका निभाती हैं। आपूर्ति विभाग के अनुसार, एक साल के दौरान अवैध रीफिलिंग के पकड़े गए 28 मामलों में धंधेबाजों से साठगांठ कर घरेलू सिलेंडर उपलब्ध कराने में एक दर्जन क्षेत्रीय गैस एजेंसियों के डीलरों की संलिप्तता पाई गई थी। इसके आधार पर केवल बंगला बाजार रोड स्थित आरडी गैस एजेंसी को ही निलंबित करने की कार्रवाई हुई। बाकी एजेंसी डीलरों पर तेल कंपनियों ने अपने स्तर से जांच के बाद कार्रवाई की बात कहकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल रखा है।