एमएसमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश में अब तक 21,650 महिलाओं को उनके पसंदीदा क्षेत्र में व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण के बाद सरकार ने उनको टूलकिट और धन भी मुहैया कराया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में सफल महिला उद्यमियों की संख्या बढ़ती जा रही है। वर्तमान में 1.21 लाख से ज्यादा महिला उद्यमी हैं। एमएसएमई के लिए विभिन्न स्कीमों के अंतर्गत 220 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। अभी ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी कम है, जिसे बढ़ाने की जरूरत है।
उन्होंने सीए इंस्टीट्यूट का आह्वान किया कि वे इस दिशा में मदद कर सकते हैं। ग्रामीण महिलाओं को लोन संबंधी, बैंक के अन्य कार्य व उद्योगों को स्थापित करने संबंधी जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं।
अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल ने कहा कि महिलाएं घर से बाहर निकलकर कार्य कर नहीं सकती, इस रूढ़िवादी विचार को तोड़ने का सरकार पुरजोर प्रयास कर रही है। समाज को आगे आकर इसमें भागीदारी देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जो शहर की महिला उद्यमी हैं वे महिलाओं का समूह बनाकर उनमें जागरूकता ला सकती हैं। कई सरकारी स्कीमें हैं, उनमें किस तरह का व्यवसाय शुरू किया जा सकता है, कहां से मदद मिलेगी, इन सब बातों को महिला उद्यमी बाकी महिलाओं को जानकारी देकर जागरूक बनाएं। उन्होंने कहा कि सरकार ने आसानी से उद्यम स्थापित करने व समस्याओं का हल निकालने के लिए उद्यम सारथी समेत कई तरह के एप लान्च किए हैं। इनके माध्यम से कौन से कारोबार किए जा सकते हैं, उसके लिए किस तरह का पेपर वर्क चाहिए, इसकी जानकारी ली जा सकती है।सरकार इसके लिए 15 करोड़ रुपये तक का ग्रांट उपलब्ध कराती है। इसका 90 प्रतिशत सरकार वहन करती है।
सवाल : सीए मोहसनीन मिर्जा ने कहा कि आमतौर पर लघु व सूक्ष्म उद्योगों में बने उत्पादों की बिक्री में दिक्कतें आती हैं। मार्केटिंग चेन को मजबूत बनाने के लिए क्या सरकार कुछ कर रही है?
जवाब : मंत्री सिद्धार्थनाथ ने बताया कि हमने इन उत्पादों की आसान बिक्री के लिए कई समझौते किए हैं। हम ऐसी उद्योग इकाइयों को बैकवर्ड तथा फारवर्ड लिकेंज उपलब्ध कर रहे हैं। उद्यम सारथी एप पर जाकर भी उत्पादों की बिक्री के लिए सहायता ली जा सकती है। हम इन उत्पादों को एक्सपोर्ट व एग्जिबीशन लगाकर उनकी सेल को सुनिश्चित करते हैं। हाल ही में दीपावली के पूर्व खादी भवन में लगी दो दिवसीय सेल में गोरखपुर से आए एक लघु टेराकोटा उद्यमी के उत्पादों की 8.5 लाख रुपये की बिक्री हुई। अमेजॉन व फ्लिपकॉर्ट से भी समझौता किया गया है। उद्यमियों को ऑनबोर्ड रजिस्ट्रेशन का विकल्प भी दिया जा रहा है। हाल ही में हुनर हाट में 130 स्टॉल लगाकर लघु उद्योगों के उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दिया गया है।
सवाल : मलिहाबाद की महिला किसान श्वेता मौर्य ने पूछा कि आम की विलुप्त प्रजातियों व आम केविभिन्न उत्पादों की सेल और मैंगो टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सरकार क्या करेगी?
जवाब : अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल ने आम प्रसंस्करण की इकाई की स्थापना के लिए विभाग द्वारा बड़े आर्थिक सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे अपने साथ कुछ महिलाओं को जोड़कर स्वयं सहायता समूह बना लें और सेक्शन 8 के अंतर्गत एक कंपनी रजिस्टर करवा लें। इसके साथ वह आम का प्रसंस्करण कर पना आदि उत्पाद बनाकर टेट्रापैक में बेंच सकती हैं। उद्यम सारथी एप के माध्यम से भी अपने लघु उद्योग के उत्पादों की बिक्री करने के साथ उसे आगे बढ़ाने के लिए जानकारी हासिल कर सकती हैं।
सवाल : महिला उद्यमी लक्ष्मी कोहली ने कहा कि हमारी पेमेंट पेंडिंग है, क्या करें?
जवाब : मंत्री सिद्धार्थनाथ ने समस्या के निस्तारण का आश्वासन दिया। अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने लिखित में पूरे मामले की जानकारी देने और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सवाल : सीए रीना भार्गव ने पूछा कि बिल जनित समस्याओं पर क्या किया जा रहा है?
जवाब : अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि उनके विभाग में ऐसी समस्याओं के निस्तारण के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इसमें महिला अधिकारी भी शामिल हैं। यहां अपनी समस्या उन्हें बताएं, समाधान हो जाएगा।
सवाल : महिला उद्यमी रेणुका टंडन ने पूछा कि उद्यम और महिला सुरक्षा के लिए क्या हो रहा बताएं?
जवाब : अपर मुख्य सचिव सहगल ने उन्हें सेफ सिटी के कांसेप्ट से रूबरू कराते हुए बताया कि महिला सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इस दिशा में लगातार इंफ्रा को मजबूत किया जा रहा है।
सवाल: वीमेन सेफ्टी पर एप विकसित करने वाली स्निग्धा ने पूछा कि ई-प्रॉक्योरमेंट में सिर्फ अनुभवी फर्मों या उद्यमियों के ऑनलाइन आवेदन का विकल्प होता है, इससे नए या युवा उद्यमी सरकारी कामों में शामिल नहीं हो पाते हैं। हम क्या करें?
जवाब : अपर मुख्य सचिव सहगल नेे बताया कि प्रदेश के आईटी विभाग ने इस दिशा में काम किया है। हमने निर्देश दिए हैं कि सरकारी विभाग कोई भी सामान खरीदे तो प्रदेश की लघु उद्योग इकाइयों को प्राथमिकता दे। अब हम ई-टेंडरिंग से हटकर जेम पोर्टल की ओर बढ़ रहे हैं। जेम पोर्टल पर युवा उद्यमियों के लिए भी पर्याप्प्त अवसर हैं।
सवाल : प्रिया जालान ने पूछा कि आईटी कंपनी की प्रदेश में स्थापना को लेकर क्या काम किया जा रहा है। महिलाओं को रात में काम करने पर पेमेंट इनसेंटिव नहीं मिल पाता है, ऐसा क्यों?
जवाब : अपर मुख्य सचिव ने कहा कि आईटी पॉलिसी में व्यापक बदलाव किए गए हैं। कई नए आईटी पार्कों की स्थापना की जा रही है। हम निजी आईटी पार्क की स्थापना की इच्छा रखने वाले उद्यमियों से भी वार्ता कर रहे हैं। 25 एकड़ भूमि पर निजी आईटी पार्क की स्थापना को बढ़ावा दिया जा रहा है। अडाणी, रिलायंस, स्पैनिश समेत कई कंपनियों के साथ काम किया जा रहा है। कौशल विकास के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना पर भी जोर दे रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में भी व्यापक काम किया जा रहा है।