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योगी सरकार के दो साल: सीएम बोले- यूपी को बीमारू राज्य से उबारकर विकास की पटरी पर दौड़ाया

Tue, 19 Mar 2019 12:41 PM IST
देव कश्यप महेंद्र तिवारी, अमर उजाला लखनऊ
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सीएम योगी - फोटो : डेमो
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योगी आदित्यनाथ सरकार के मंगलवार को दो वर्ष पूरे हुए। इन दो सालों में सरकार भ्रष्टाचार पर वार, गवर्नेंस को रफ्तार, कानून-व्यवस्था व बिजली आपूर्ति में सुधार करने का प्रयास करती दिखी। साथ ही निवेश का माहौल बनाकर रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ किसानों, महिलाओं व कामगारों के साथ होने का अहसास कराने की भी कोशिश की।

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हार-जीत की परवाह किए बिना नोएडा न जाने का मिथक कई बार तोड़ा। यूपी इन दो सालों में आवास व शौचालय बनाने, एमएसएमई उद्योगों की स्थापना और डीबीटी के जरिये कृषि अनुदान वितरण में पूरे देश में अव्वल आया है।

ई-प्रोक्योरमेंट में बेस्ट परफाॅर्मिंग स्टेट और ई-टेंडर प्रणाली के बेहतरीन क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। सरकार ने खनन, खाद्यान्न वितरण और शराब दुकानों के आवंटन में भ्रष्टाचार को कम करने का भी प्रयास किया। साथ ही भविष्य में सस्ती बिजली की उम्मीद जगाई।
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प्रयागराज में भव्य कुंभ और वाराणसी में भारतीय प्रवासी दिवस समारोह के सफल आयोजन से वैश्विक स्तर पर यूपी की नई पहचान बनी। तो इन्वेस्टर्स समिट व ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी ने प्रदेश में निवेश के बदलते माहौल की उम्मीद जगाई है। कई बंद चीनी मिलें चालू कराने की शुरुआत भी इस सरकार ने की है।

वहीं, योगी सरकार ने प्रयागराज में कुंभ मेला को उत्सव जैसा माहौल देकर, अयोध्या में दीपोत्सव, ब्रज में होली, काशी में विश्वनाथ कॉरिडोर से सरकार को जोड़कर अपने एजेंडे को भरपूर धार दी है। इसके अतिरिक्त शासन में 8 घंटे काम वाली पहचान को बदलकर 12 से 16 घंटे काम वाली पहचान बनाई। वर्तमान में न सिर्फ मुख्यमंत्री ऑफिस व फील्ड में सक्रिय नजर आते हैं बल्कि शासन के अफसर भी अब देर रात तक मीटिंग, प्रजेंटेशन व फाइलें निपटाते दिख जाते हैं।

बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे और डिफेंस कॉरिडोर के शुरू हो गए काम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
योगी सरकार इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर खास ध्यान दे रही है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे और डिफेंस कॉरिडोर के काम शुरू हो गए हैं। प्रयागराज से मेरठ तक गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण की घोषणा की जा चुकी है।

लखनऊ में मेट्रो रेल परियोजना का विस्तार के साथ ही कई बड़े शहरों में इसे शुरू करने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। तो छोटे व मझोले शहरों से हवाई सेवाओं को रफ्तार देने की कोशिश तेजी से हुई है। जेवर व कुशीनगर एयरपोर्ट का काम तेजी से चल रहा है। वहीं, कारोबारी सुधारों में भी प्रदेश अचीवर स्टेट के रूप में उभरा है।

कानून-व्यवस्था और विभागों में मनमानी बरकरार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
बड़े आयोजनों के बाद बड़ी-बड़ी घटनाओं को वजह से कानून-व्यवस्था में सुधार अभी भी सरकार के लिए बड़ा सवाल है। इसी तरह कई विभागों में मनमानी व भ्रष्टाचार पहले जैसे ही जारी हैं। योगी सरकार के दो साल में कृषि, सहकारिता, वित्त, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, राजस्व, चकबंदी, स्वास्थ्य और सचिवालय प्रशासन जैसे विभागों के कामकाज कई बार सरकार की किरकिरी कराते नजर आए हैं।

वहीं, शीर्ष स्तर के अफसरों के बीच अंदरखाने की जंग सियासी गलियारे से आम चौराहे तक चर्चा का विषय बन गई। हालांकि सरकार ऐसे मामलों को नजरअंदाज करती नजर आई। लिहाज बेहतर नतीते और साफ-सुथरी छवि के लिए इन मोर्चों पर ठोस पहल की अभी जरूरत है।

योगी सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए विभागों में ई-ऑफिस और सड़क, शराब व खनन पट्टों के आवंटन में ई-टेंडर, सरकारी समानों की खरीद-फरोख्त के लिए ई-प्रोक्योरमेंट व्यवस्था लागू की। तो सरकारी अनुदान लाभार्थियों के खाते में सीधे भुगतान की पहल की गई।

राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए ई-पॉश मशीन को प्रयोग किया गया। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने आम लोगों को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सहयोग के लिए एंटी करप्शन पोर्टल शुरू किया। इनमें से कई पहल के बेहतर नतीजे नजर आने लगे हैं। मगर, शासन से लेकर फील्ड तक भ्रष्टाचार से लोग अभी भी परेशान हैं। इसे खत्म करने के लिए तगड़े प्रहार का इंतजार है।

यहां देखें, वर्तमान सरकार में अन्य भर्तियां

डेमो
नौकरियां
यूपीपीएससी, प्रयागराज
बसपा (5 साल)    2,237
सपा (5 साल)     18,800
योगी (2 साल)     21,000

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग
बसपा    1,781
सपा    24,651
योगी    26,430

सिपाही भर्ती
बसपा (5 साल)    35,844
सपा (5 साल)    47,000
योगी (2 साल)    76,943

वर्तमान सरकार में अन्य भर्तियां
शिक्षक भर्ती : 41,500 संपन्न
68,500 अंतिम चरण में
सिपाही भर्ती : 41,000 संपन्न
42,000 प्रशिक्षण में
50,000 रिजल्ट का इंतजार

केंद्र-यूपी में एक ही पार्टी की सरकार का फायदा

BJP Logo
केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार का फायदा इन दो वर्षों में साफ नजर आया है। प्रदेश ने पीएम आवास, शौचालय, सौभाग्य, उज्ज्वला, किसान सम्मान निधि और आयुष्मान भारत जैसी केंद्रीय योजनाओं में प्रदेश के नागरिकों को उल्लेखनीय लाभ दिलाया है। तो केंद्र के सहयोग से राज्य में दशकों से लंबित वाण सागर व सरयू नहर जैसी आधा दर्जन सिंचाई, रेल और सड़क परियोजनाओं को भी रफ्तार मिली।

युवाओं को लैपटॉप, किसानों को ब्याज मुक्त फसली ऋण का इंतजार बरकरार
भाजपा ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान सभी लघु व सीमांत किसानों को ब्याज मुक्त फसली ऋण और गन्ना किसानों को फसल बेचने 14 दिनों के भीतर पूरा भुगतान सुनिश्चित करने का वादा किया था। इसी तरह प्रदेश में स्थापित हर उद्योग में 90 फीसदी नौकरियां यहां के युवाओं के लिए आरक्षित करने, सभी विद्यार्थियों को कॉलेज में दाखिला लेने पर बिना जाति व धर्म के भेदभाव के मुफ्त लैपटॉप देने और स्वामी विवेकानंद युवा इंटरनेट योजना के अंतर्गत प्रति माह एक जीबी डाटा मुफ्त देने का भी एलान किया था।

पार्टी ने गरीब कल्याण कार्डधारकों को राशन में तेल, नमक, दाल, चीनी और गुड़ आदि न्यूनतम दर पर मुहैया कराने की बात भी कही थी। मगर, संकल्प पत्र की इन योजनाओं पर अब तक क्रियान्वयन नहीं हो पाया है।

यहां देखें, प्रमुख फैसले व उपलब्धियां

सीएम योगी - फोटो : डेमो
प्रतिद्वंद्वियों को निवेश में काफी पीछे छोड़ा
          योगी सरकार                                                     सपा शासनकाल                                                      बसपा शासनकाल
            (2 साल)                                                           (5 साल)                                                                   (5 साल)
87,000 करोड़ निवेश, 15 लाख रोजगार                 55,000 करोड़ निवेश, 28 लाख रोजगार                      57,000 करोड़ निवेश, 12 लाख रोजगार  

प्रमुख फैसले व उपलब्धियां
-   86 लाख किसानों को 36 हजार करोड़ के बजट से कर्जमाफी।
-   कर्मचारियों को सातवें वेतन के एरियर की पहली किस्त दी।
-   कर्मचारियों के लिए नई पेंशन की विसंगतियां दूर कर 10,500 करोड़ का पैकेज मंजूर किया।
-   समूह ‘ग’ व समूह ‘ख’ (अराजपत्रित) की भर्तियों में पारदर्शिता के लिए इंटरव्यू खत्म।

-   दिव्यांगजन व वृद्धावस्था पेंशन की राशि 300 व 400 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये की।
-  विधवा पेंशन के लिए उम्र की सीमा समाप्त की।
-  1973 में पूर्व पीएम मोरारजी देसाई द्वारा शिलान्यास के बाद से लंबित बाण सागर परियोजना पूरी हुई।
-    सर्वाधिक तिलहन उत्पादन के लिए प्रदेश को केंद्र का कृषि कर्मण पुरस्कार मिला।
-   बेटियों के लिए कन्या सुमंगला योजना की सौगात। जन्म से स्नातक तक में प्रवेश पर चरणबद्ध तरीके से कुल 15 हजार रुपये की सहायता।

-    पीएम आवास योजना के अंतर्गत 23 लाख आवास बनवाए।
-   स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2.49 करोड़ इज्जतघर का निर्माण कराया।
-    2.84 लाख मजरों में बिजली पहुंची।
-   1.12 करोड़ गरीब महिलाओं को नि:शुल्क एलपीजी गैस कनेक्शन।
-   आयुष्मान भारत योजना में प्रदेश के 1.18 करोड़ पात्र गरीब परिवारों को एश्योर्ड हेल्थ कवरेज।
-   सामूहिक विवाह योजना शुरू की।
- वनटांगिया, मुसहर, कोल, थारू जातियां मुख्य धारा में शामिल हुईं।

 
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पढ़ें, राज्य सरकार का खजाना भी बढ़ा

डेमो
गरीबों का भी रखा ध्यान
मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से गरीबों को गंभीर बीमारी में इलाज के लिए मदद की जाती है। वित्तीय वर्ष 2012-13 से 16-17 तक अखिलेश यादव शासनकाल में हर साल क्रमश: 6488, 8256, 6889, 8957 व 11916 लोगों की मदद की गई थी। योगी सरकार के पहले साल 2017-18 में 13,224 व चालू वित्त वर्ष 2018-19 में 16,617 लोगों की मदद की जा चुकी है। इस वर्ष सरकार ने 240 करोड़ रुपये से अधिक की मदद की है।

राज्य सरकार का खजाना भी बढ़ा
-   2016-17 में राजस्व संग्रह में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। वर्तमान में यह 38 प्रतिशत हो गई है।
-   2016-17 में एसजीएसटी से राजस्व संग्रह 49000 करोड़ था। वर्तमान में 75 हजार करोड़ रुपये प्रतिवर्ष हो गया है।
-  खनन राजस्व में 1,400 करोड़ से बढ़कर 4,200 करोड़, आबकारी में 13,000 करोड़ से बढ़कर 29,000 करोड़, मंडी परिषद में राजस्व संग्रह 600 करोड़ से बढ़कर 1,800 करोड़ रुपये पहुंच गया है।
-  पिछली सरकार का रेवेन्यू सरप्लस 1.6 प्रतिशत था, जो इस सरकार में 3.2 प्रतिशत पहुंच गया है।
-   2016-17 में प्रदेश का राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद के सापेक्ष 4.5 प्रतिशत था। यह 2017-18 में 2.97 प्रतिशत रहा।
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