सपा ने अभी तक 17 उम्मीदवार घोषित किए हैं। इनमें चार मुलायम परिवार के सदस्य हैं और मौजूदा सांसद हैं। पांचवें सदस्य के रूप में अखिलेश यादव का लड़ना तय है। उनके आजमगढ़ से चुनाव मैदान में उतरने की संभावना है। इन 17 सीटों में सपा ने केवल दो गैर यादव पिछड़ों को टिकट दिए हैं। लखीमपुर खीरी से डॉ. पूर्वी वर्मा और मिर्जापुर से राजेंद्र एस बिंद।
ये दोनों क्रमश: कुर्मी व निषादवंशीय समाज से आते हैं। इनकी प्रदेश में अच्छी आबादी है। इनके अलावा 6 दलित, 2 मुस्लिम और एक-एक सीट राजपूत, ब्राह्मण व वैश्य को दी गई है। सपा के सामने असली चुनौती शेष सीटों पर ऐसे उम्मीदवार उतारने की है कि जो सामाजिक न्याय के पैरोकार हों। जिताऊ उम्मीदवार उतारने के दबाव के बीच सपा की सोशल इंजीनियरिंग कसौटी पर है।