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बाराबंकी: परिसीमन में 'शहरी' हुए गांव के प्रधान तो खतरे में पड़ी कुर्सी, विरोधी भी पड़ गए पीछे

Thu, 28 Sep 2023 03:02 PM IST
ishwar ashish प्रमन श्रीवास्तव, अमर उजाला, बाराबंकी

सार

नगर पंचायत फतेहपुर व सुबेहा में शामिल हुए दो गांव के प्रधानों की कुर्सी खतरे में आ गई है। हालांकि शहरी होने पर ग्रामीण खुश हैं।
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- फोटो : amar ujala
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निकाय चुनाव से पहले हुए नगर पंचायत फतेहपुर और सुबेहा का परिसीमन हुआ तो दो ग्राम पंचायतों के कई राजस्व गांव शहरी क्षेत्र में शामिल हो गए। शहरी का तमगा पाने वाले ग्रामीणों ने जश्न मनाया, लेकिन यहां के प्रधानों की कुर्सी पर खतरा मंडराने लगा। विरोधियों ने शिकायतों का पिटारा खोल दिया है और उन्हें पद से हटाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं। प्रधानों के वित्तीय अधिकार को लेकर अधिकारी भी असमंजस में हैं।

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बता दें कि फतेहपुर की ग्राम पंचायत संदूपुर में 13 वार्ड थे। नगर पंचायत फतेहपुर के सीमा विस्तार में संदूपुर ग्राम पंचायत के डडियामऊ वार्ड नंबर एक से पांच व दशरथपुर वार्ड नंबर चार समेत छह वार्ड शामिल हो गए थे। इन दोनों गांवों को मिलाकर दशरथपुर वार्ड का गठन किया गया है, जिसमें प्रधान हरिवंश कुमार भी शामिल हो गए हैं। परिसीमन के बाद हुए निकाय चुनाव में इन छह वार्डों के ग्राम पंचायत सदस्यों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल भी किया था। ऐसे में ग्राम पंचायत असंगठित हो चुकी है।

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ग्राम पंचायत संदूपुर के ग्रामीणों ने प्रधान के शहरी होने के बावजूद ग्राम निधि का खाता संचालित करने पर आपत्ति जताई है। इसको लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं और एडीओ पंचायत ने भी अपनी रिपोर्ट में इसकी पुष्टि की है।
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उधर, विकास खंड हैदरगढ़ की ग्राम पंचायत खानपुर के कई वार्ड नगर पंचायत सुबेहा में शामिल हो चुके हैं, जिसमें प्रधान दुलारा का वार्ड भी शामिल है। दुलारा का घर अब सराय चंदेल वार्ड में आता है। यहां के ग्रामीणों ने भी इसकी शिकायत की है, जिसके बाद प्रधान के ग्राम निधि का खाता संचालित करने पर रोक लग गई है। इस स्थिति से निपटने के लिए निदेशालय को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

डीपीआरओ के रोहित भारती का कहना है कि फतेहपुर व सुबेहा नगर पंचायतों में दो प्रधानों के गांव शामिल होने के बाद कई शिकायतें आ चुकी हैं। इसको लेकर शासन को पत्र लिखा गया है, ताकि प्रधान के अधिकारों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।

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