मोहित जायसवाल के अनुसार, अतीक के गुर्गे पहले काफी दिनों से उससे रंगदारी वसूल रहे थे और उसके गोमतीनगर स्थित कार्यालय पर भी कब्जा जमा लिया था। मोहित ने बताया कि अतीक के गुर्गे फारुक व जकी अहमद कंपनी के शेयर ट्रांसफर करने का दबाव बना रहे थे। इंकार करने पर बुधवार को अगवा कर देवरिया जेल ले गए। जहां अतीक अहमद व उसके बेटे उमर सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।
मोहित ने बताया कि जेल में उसे बुरी तरह पीटा गया और उसकी कंपनियों एमजे इंफ्रा हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, एमजे इंफ्रा ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड, एमजे इंफ्रा लैंड, एलएलपी और एमजे इंफ्रा एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड को फारुक व जकी के नाम ट्रांसफर करवा लिया।